बिहार का विकास मिथिला के विकास के बिना संभव नहीं:- मुख्यमंत्री

पटना—(लोकेश कु० झा, बि०सू०केंद्र, दिल्ली) ———- :- मधुबनी जिला के सरिसबपाही स्थित अयाची डीह में मुख्यमंत्री श्री नीतीष कुमार ने प्रसिद्ध अयाची मिश्र तथा प्रसव सेविका चमाईन के प्रतिमा का अनावरण किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने सिद्धेष्वरी स्थान में पूजा अर्चना की। सरिसबपाही में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे पहले मैं इस कार्यक्रम के आयोजकों को बधाई देता हूॅ।

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अयाची डीह पर -अयाची मिश्र प्रतिमा का अनावरण–मुख्यमंत्री श्री नीतीष कुमार

मैं श्री बिनोद बंधु जी एवं उनके साथ आये अन्य महानुभावों जिन्होंने मुझे इस कार्यक्रम में आने के लिये आमंत्रित किया, उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूॅ। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का ज्ञान के क्षेत्र में अहम योगदान रहा है। मिथिला की भूमि अदभुत है। यह भूमि कई महान विभुतियो की जन्मस्थली रही है, जिन्होने अपनी विलक्षण प्रतिभा से इस धरती का नाम रौषन किया है। उन्होंने कहा कि 14वीं षताब्दी में अयाची मिश्र द्वारा ज्ञान के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान रहा है, वह अतुलनीय है।

वे किसी से कुछ भी याचना नहीं करते थे और निःषुल्क षिक्षा दान देते थे। बदले में वे 10 लोगो को पढ़ाने का वचन लेते थे, जिससे उस समय षिक्षा के प्रसार में बल मिला। उन्होंने कहा कि अगर आज भी इसका अनुकरण किया जाय तो समाज में जबर्दस्त परिवर्तन आयेगा। मुख्यमत्री ने कहा कि अयाची मिश्र के पुत्र शंकर मिश्र का जब जन्म हुआ तो प्रसव सेविका को देने के लिये उनके पास कुछ भी नहीं था तो उन्होंने कहा था कि हमारे पुत्र की पहली आमदनी आपको देंगे।

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?प्रसव सेविका चमाईन की प्रतिमा का अनावरण—
मुख्यमंत्री श्री नीतीष कुमार

अयाची मिश्र के पुत्र शंकर मिश्र काफी विद्वान थे। पाॅच वर्ष की उम्र में ही उनके पास जितना ज्ञान था, उसकी प्रषंसा लोग करते थे। राजा ने शंकर मिश्र को बुलाकर उन्हें सम्मानित किया तथा उन्हंे भेंट दिया। भेंट लेकर जब वे घर गये तो उनकी माॅ ने कहा कि तुम्हारी पहली कमाई पर प्रसव सेविका का हक है। उन्होंने पूरा धन सेविका के हवाले कर दिया।

प्रसव सेविका भी महान थी। प्रसव सेविका ने सारे धन का उपयोग गाॅव की भलाई एवं विकास के लिये किया। यह धरती सचमूच महान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सौभाग्य के पात्र है जो उन्हें इस धरती को प्रणाम करने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि अयाची डीह में माउंट है, इसके गर्भ में काफी इतिहास छिपा हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजक मण्डल द्वारा जो माॅग की गयी है। जब वे मुझे आमंत्रित करने आये थे, उस समय उन्हें बताना चाहिये था। अभी मेरा पूरा ध्यान बाढ़ से प्रभावित लोगों की ओर है। फिर भी उन्होने आयोजक मंडल के संयोजक को 15 दिन बाद आकर डीह के संबंध में विषेष जानकारी देने को कहा। उन्होंने आयोजक मंडल को आष्वस्त किया कि वे संबंधित विभाग और संबंधित मंत्री से बात कर अयाची डीह के विकास के लिए पहल करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे देष का विकास बिहार के विकास के बिना संभव नहीं है, वैसे ही बिहार का विकास मिथिला के विकास बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार की धरती ज्ञान की धरती है, यहीं गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था और वे भगवान बुद्ध बने। यहीं भगवान महावीर का जन्म हुआ, ज्ञान प्राप्त हुआ तथा निर्वाण प्राप्त हुआ। इसी भूमि पर चाणक्य ने चन्द्रगुप्त का समर्थन कर उन्हें सम्राट बनाया तथा अर्थषास्त्र की रचना की।

आज भी इस महाग्रंथ का काफी महत्व है। इसी धरती पर आर्यभट्ट ने शून्य का आविष्कार किया था। इनके अलावा यह धरती पर अनेक महानुभावों के जन्म एवं कर्मस्थली रही है। उन्होंने कहा कि संकल्प है कि फिर से षिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ेगे और षिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान देंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल राज्य में मात्र 1 प्रतिषत बच्चे स्कूल से बाहर है। 2007 में बालिका पोषाक योजना की षुरूआत होते ही स्कूल में बालिकाओं की संख्या बढ़ने लगी।

उच्च विद्यालयों में बालिकाओं को षिक्षा के लिये आकर्षित करने हेतु बालिका साइकिल योजना की शुरूआत की गयी। उन्होंने कहा कि शुरू में वर्ग 9 में पढ़ बालिकाओं की संख्या एक लाख 70 हजार थी, जो अब बढ़कर नौ लाख हो गयी है। उन्होंने कहा कि षिक्षा का माहौल बना है। अब षिक्षा की गुणवता को और बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 12वीं के आगे पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या कम है। बिहार का ग्राॅस इन्राॅलमेंट रेषियो मात्र 13.8 प्रतिषत है, हमें इसे 30 प्रतिषत के आगे ले जाना है इसलिये स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की शुरूआत की गयी। इस योजना के तहत न सिर्फ मूल बल्कि सूद की राषि पर भी सरकार अपना गारंटी देती है।

उन्होंने कहा कि परिवार पर बिना बोझ बने आप सब आगे पढ़िये। स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड येाजना का लाभ उठाइये। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अन्य प्रकार की छात्रवृति की योजनायें भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा युवाओं के कौषल विकास हेतु कुषल युवा कार्यक्रम की शुरूआत की गयी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की दुनिया इंटरनेट की दुनिया है, इसके देखते हुये राज्य के सभी सरकारी विष्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में छात्रों के लिये मुफ्त वाई-फाई की सुविधा दी जा जा रही है। इस संदर्भ में कुछ अड़चने भी आयी थी, जिसे दूर कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि जब तक षिक्षा का विकास नहीं होगा, तब तक विकास की बात बेमानी होगी। उन्होंने कहा कि षिक्षकगण अपनी समस्या सरकार पर छोड दें और बच्चो को पढ़ाने पर ध्यान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर जिले में मेडिकल काॅलेज, इंजिनियरिंग काॅलेज तथा प्रत्येक अनुमंडल में आई0टी0आई0, ए0एन0एम0 स्कूल, पारा मेडिकल इंस्टीच्यूट तथा सभी तरह के षैक्षणिक संस्थान उपलब्ध कराने में लगी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत दिनों आयी विनाषकारी बाढ से बिहार का बहुत नुकसान हुआ है। राज्य के लगभग 38 लाख परिवार प्रभावित हुए है। राज्य सरकार के द्वारा अब तक 13 लाख परिवार को आर.टी.जी.एस. के माध्यम से 6 हजार रूपये भेजी गई है। उन्होंने कहा कि वे राज्य के खजाने से 24 सौ करोड़ रूपये प्रभावित जिलो को भेजा है। राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितो का है। उन्होंने कहा कि सूबे में न्याय के साथ विकास जारी रहेगा। किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार से समझौता नहीं किया जाएगा और हर हाल में सूबे में कानून का राज कायम रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोग पर्यावरण का ख्याल रखें। पर्यावरण से छेड़छाड़ नहीं करें, किसी को यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिये कि वो प्रकृति पर नियंत्रण कर सकता है। अभी हाल में आये बाढ़ इसका एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह प्रकृति एक मात्र चेतावनी थी। उन्होंने कहा कि बिहार में प्रकृति को ध्यान में रखते हुये न्याय के साथ विकास जारी रहेगा। सभी लोगो को प्रेम और सदभाव के साथ समाज में भाईचारा, सामाजिक व सांप्रदायिक सदभाव एवं अमन चैन का माहौल बनाये रखने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री के संबोधन के उपरांत श्री सत्य नारायण अग्रवाल द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष हेतु 1 लाख 1 हजार का चेक मुख्यमंत्री को सौपा गया। इसके साथ-साथ मधुबनी पुलिस एसोसिएषन की ओर से पुलिस अधीक्षक मधुबनी एवं सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री सहायता कोष हेतु 4 लाख 83 हजार रूपये का चेक सौंपा गया।

समारोह को विधानसभा अध्यक्ष श्री विजय कुमार चैधरी, कृषि मंत्री डाॅ0 प्रेम कुमार, अयाची डीह विकास समिति के अध्यक्ष डा0 किषोर नाथ झा ने संबोधित किया। इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री श्री कपिलदेव कामत, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री डाॅ0 बिनोद कुमार झा, सांसद श्री विरेन्द्र कुमार चैधरी, विधायक श्री रामप्रीत पासवान, विधायक श्रीमती गुलजार देवी, विधायक श्री लक्ष्मेष्वर राय, विधायक श्री सुनील चैधरी, विधान पार्षद श्री सुमन कुमार, विधान पार्षद श्री राम लषण राम रमण, जनप्रतिनिधिगण, आयुक्त दरभंगा, पुलिस महानिरीक्षक दरभंगा, पुलिस उप महानिरीक्षक दरभंगा प्रक्षेत्र, जिलाधिकारी मधुबनी, पुलिस अधीक्षक मधुबनी, सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं अधिकारी उपस्थित थे।