बाल दिवस—

जयपुर, 14 नवम्बर। बाल दिवस पर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012(पॅाक्सो) एक्ट में पीड़ित बच्चों को सहज वातावरण उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर महानगर के भवन में लीगल कंसल्टेशन रूम का राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संदीप मेहता ने फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर रैली भी निकाली गई।

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राजस्थान उच्च न्यायालय – न्यायाधीश संदीप मेहता,
जिला एवं सैशन न्यायाधीश अतुल कुमार चटर्जी

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जिला एवं सैशन न्यायाधीश अतुल कुमार चटर्जी ने इस अवसर पर कहा कि लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012(पॅाक्सो) एक्ट के तहत न्यायालयों में लम्बित प्रकरणों में साक्षी के रूप में आने वाले बालकों को साक्ष्य से पूर्व सुरक्षित, सहज व आरामदायक वातावरण मुहैया करवाने के उद्देश्य से इस कक्ष का उपयोग किया जाएगा।

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संदीप मेहता ने सुझाव दिया कि इस का उपयोग न सिर्फ पॅाक्सो अधिनियम के पीड़ित बालकों के लिए हो, साथ ही न्यायालय में आने वाले सभी बाल साक्षियों के लिए किया जावे।

विशिष्ट न्यायाधीश पॅाक्सो एक्ट न्यायालय के पीठासीन अधिकारी मधुसूदन शर्मा ने पॅाक्सो एक्ट के उद्देश्य व कार्य प्रणाली पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को जिला एवं सैशन न्यायाधीश जोधपुर जिला रविन्द्र कुमार जोशी ने आभार व्यक्त किया। संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव वमिता सिंह ने किया।

बच्चों ने जागरूकता रैली निकाली ः-
समारोह के पश्चात स्कूली बालक बालिकाओं व स्काउट व गाइड्स के बच्चों ने विधिक जागरूकता रैली निकाली। रैली को न्यायाधीश संदीप मेहता ने हरी झण्डी दिखायी। रैली जिला न्यायालय परिसर से रवाना होकर विभिन्न मार्गो से पुनः न्यायालय पहुंची।