बरेली में 50 वर्षीय महिला की मौत–‘लोकतंत्र पर धब्बा’

प्रदीप शुक्ला (लखनऊ)—————पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि गरीब महिला की भूख से मौत ‘लोकतंत्र पर धब्बा’ है.

उन्होंने कहा कि अगर महिला बीमार थी और बायोमीट्रिक वैरिफिकेशन के लिए राशन दुकान पर अनाज लेने नहीं जा सकी, तो ऐसी स्थिति से निपटने के लिए एक प्रणाली होनी चाहिए.
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अखिलेश यादव ने कहा, “सिस्टम के नाम पर बनाए गए नियम किसी की जिंदगी से बड़े नहीं हैं, यह काफी दुखद है.”

बरेली जिला प्रशासन का कहना है कि शकीना की मौत भूख से नहीं, बल्कि बीमारी से हुई है.

शकीना के परिवार वालों का कहना है कि उसकी मौत भूख से हुई है, क्योंकि राशन लाने दुकान पर गए उसके पति को राशन इसलिए नहीं दिया गया कि राशन कार्ड शकीना के नाम पर था और वह खुद वहां नहीं जा सकी.

नायब तहसीलदार, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) और जिला आपूर्ति अधिकारी की अधिकारियों के एक दल ने शकीना के पति और उसके बच्चों के बयान रिकॉर्ड किए हैं.

मीरगंज के एसडीएम राम अक्षय ने भुखमरी के कारण मौत को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा कि यह ‘आधारहीन और झूठ’ है.

एसडीएम ने कहा, “हमने डीएम को अपनी रिपोर्ट भेज दी है.मृतका के पास उसके बैंक खाते में 4,572 रुपये थे. अत्यधिक गरीबी का दावा सही नहीं है.पड़ोसियों का कहना है कि वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थी.”