बजट भाषण : छत्तीसगढ़ विधानसभा–विकास यात्रा 18 वें वर्ष में प्रवेश

छत्तीसगढ़ ———— विकास यात्रा अब अपने 18 वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। सौभाग्य है कि हमें लगातार 3 बार राज्य के सर्वांगीण विकास की जिम्मेदारी मिली और सबके सहयोग से राज्य ने आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक, सभी क्षेत्रों में प्रगति के नये-नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं। अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों के कारण छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पटल पर एक विशिष्ट पहचान मिली है।
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1. विगत 14 वर्षों में राज्य में हमारे किसानों, मजदूरों, वनवासियों सहित सभी वर्गों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया। महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य की स्थिति में सकारात्मक बदलाव हुआ। राज्य के भीतर एवं अन्य राज्यों से आवागमन की सुविधाओं में बढ़ोतरी हुई। हमारे गांवों और शहरों में मूलभूत अधोसंरचना सड़क, नाली एवं विद्युत व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ। छत्तीसगढ़ के निवासियों में आपसी सौहार्द एवं शांति कायम रही। विकास की इसी यात्रा को आगे बढ़ाने के लियेे मैं आज 2018-19 का बजट प्रस्तुत करने जा रहा हूँ। वित्त मंत्री के रूप में 12 वां बजट प्रस्तुत करते हुए मुझे प्रसन्नता हो रही है।
2. आर्थिक स्थिति
3.1 अध्यक्ष महोदय, अब मैं राज्य की आर्थिक स्थिति का विवरण पेश करता हूँ। विधानसभा के पटल पर वर्ष 2017-18 का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया गया है। वर्ष 2017-18 के अग्रिम अनुमान अनुसार स्थिर भाव पर राज्य का जीएसडीपी विकास दर 6.65 प्रतिशत होना अनुमानित है। इसी अवधि में अखिल भारतीय स्तर पर जीडीपी विकास दर 6.5 प्रतिशत होना अनुमानित है।
3.2 वर्ष 2017-18 में स्थिर भाव पर कृषि क्षेत्र में 2.89 प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र में 5.84 प्रतिशत एवं सेवा क्षेत्र में 9.46 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है। इसी अवधि में अखिल भारतीय स्तर पर कृषि क्षेत्र में 2.13 प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र में 4.37 प्रतिशत एवं सेवा क्षेत्र में 8.28 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है।
3.3 अखिल भारतीय वृद्धि दर से तुलनात्मक रूप से हमारा प्रदर्शन बेहतर रहना अनुमानित है। कृषि क्षेत्र में अल्पवर्षा के बावजूद वृद्धि का सकारात्मक रूझान है।
3.4 वर्ष 2016-17 के संशोधित अनुमान अनुसार स्थिर भाव पर राज्य के सकल जीएसडीपी में 8.41 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है। इसी अवधि में अखिल भारतीय स्तर पर जीडीपी विकास दर 7.1 प्रतिशत होना अनुमानित है।
3.5 राज्य का जीएसडीपी प्रचलित भाव पर 2016-17 में 2 लाख 62 हजार 263 करोड़ से बढ़कर 2017-18 में 2 लाख 91 हजार 681 करोड़ होना अनुमानित है।
3.6 वर्ष 2017-18 में जीएसडीपी में कृषि क्षेत्र का योगदान 22.16 प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र का योगदान 41.01 प्रतिशत, तथा सेवा क्षेत्र का योगदान 36.83 प्रतिशत अनुमानित है।
3.7 वर्ष 2017-18 में प्रति व्यक्ति आय 92 हजार 35 रु. संभावित है, जो गत् वर्ष की तुलना में 9.22 प्रतिशत अधिक है।
3. हमारी सरकार की नीतियों, योजनाओं तथा कार्यक्रमों का ध्येय सभी वर्गों का कल्याण व उन्हें समग्र रूप से सशक्त करना रहा है। इस बजट में हमारे प्रयास किसान, गरीब व मजदूर की समृद्धि, महिला सशक्तीकरण, गुणवत्तायुक्त शालेय शिक्षा, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के वर्गों की खुशहाली, युवा शक्ति के संधान, गावों के विकास, अधोसंरचना तथा सुशासन की उत्तरोत्तर प्रगति पर केन्द्रित हैं।
किसान – स्वावलंबन एवं समृद्धि
4. हमने खेत-खलिहानों से लेकर किसानों के घर तक समृद्धि एवं खुशहाली के तार जोड़े हैं। मैं किसान भाइयों एवं उनके परिवारजनों को साधुवाद देता हूं कि उन्होंने अपनी लगन और मेहनत से छत्तीसगढ़ की विकास-यात्रा को आगे बढ़ाने में अपना अमूल्य योगदान दिया।
5. माननीय प्रधानमंत्री जी के वर्ष 2022 तक कृषकों की आय दुगुना कर उन्हें समृद्ध बनाने के आह्वान को साकार करने के लिये हम दृढ़ संकल्पित हैं। वर्ष 2018-19 में कृषि बजट के लिये 13 हजार 480 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो गत् वर्ष से 29 प्रतिशत अधिक है।
6. कृषि विभाग के बजट हेतु पूर्व वर्ष से 95 प्रतिशत वृद्धि करते हुए 4 हजार 452 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिसमें किसानों को धान बोनस प्रदाय करने के लिये 2 हजार 107 करोड़ का प्रावधान सम्मिलित है। किसानों को ब्याज मुक्त अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिये 184 करोड़ का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त अनेक इनपुट्स यथा उन्नत किस्म के बीजों की उपलब्धता, खेती हेतु विद्युत सब्सिडी, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि सेवा केन्द्रों की स्थापना धान खरीदी की पुख्ता व्यवस्था के फलस्वरूप कृषि क्षेत्र में उत्पादन व उत्पादकता में वृद्धि हुई और किसानों को सीधा लाभ मिला।
7. हमारी सरकार ने इन 14 सालों में जब भी प्राकृतिक कारणों से संकट आया, तो हमने किसानों की भरपूर मदद की। इस खरीफ सीजन में अल्पवर्षा से प्रभावित किसानों के लिये 546 करोड़ 88 लाख राशि फसल क्षति हेतु जारी की गई है एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा राशि के वितरण की व्यवस्था की जा रही है। 2018-19 के बजट में प्रधानमंत्री फसल बीमा प्रीमियम हेतु 136 करोड़ का प्रावधान है।
8. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत् सामान्य एवं हरित क्रांति घटकों हेतु कुल 365 करोड़ का प्रावधान है। कृषक समग्र विकास योजना के लिये 93 करोड़, गन्ना कृषकों को बोनस हेतु 40 करोड़, तथा शाकम्भरी योजना हेतु 40 करोड़ का प्रावधान है। नाबार्ड पोषित सूक्ष्म सिंचाई के लिये 93 करोड़ का प्रावधान है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन हेतु 130 करोड़ का प्रावधान है।
9. रियायती विद्युत प्रदाय हेतु कृषक ज्योति योजना में 2 हजार 975 करोड़ का प्रावधान है। इसमें हम 4 लाख 52 हजार किसानों को लाभ पहंुचा रहे हैं। 1 लाख 19 हजार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों को सम्पूर्ण छूट तथा अन्य कृषकों को 3 हार्स पावर तक 6 हजार यूनिट प्रतिवर्ष तथा 3 से 5 हार्स पावर तक 7 हजार 500 यूनिट प्रतिवर्ष छूट दी जा रही है।
10. सौर सुजला योजना हमारी सबसे महत्वाकांक्षी योजना है जिसके माध्यम से हम ऑफ ग्रिड विद्युत की सुविधा किसानों को 51 हजार सोलर पम्प प्रदाय कर सुनिश्चित करेंगे। योजना में 36 हजार पंप स्वीकृत किये गये हैं जिसमें से 25 हजार पम्प स्थापित किये जा चुके हैं। 2 से 4 लाख लागत का सोलर पम्प किसान को 7 से 20 हजार हितग्राही अंश लेकर उपलब्ध कराया जाता है। बजट में योजना हेतु 631 करोड़ का प्रावधान है।
11. 6 नवीन कृषि महाविद्यालय की स्थापना जशपुर, छुई खदान, कोरबा, कुरूद, गरियाबंद व महासमुंद में की जायेगी। इसके साथ ही मुंगेली तथा भाठापारा के कृषि महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने के लिये प्रावधान किया गया है।
12. आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रदेश की 100 उच्चतर माध्यमिक शालाओं में भी कृषि संकाय प्रारंभ किये जायेगे। इससे प्रदेश के छात्रों को उन्नत कृषि संबंधी शिक्षा प्राप्त होगी। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग के बजट में 5 करोड़ का प्रावधान है।
13. कृषि स्नातकों को पेशेवर कृषि उद्यमी के रूप में स्थापित करने हेतु कृषि विश्वविद्यालय के माध्यम से ‘‘चलो गांव की ओर‘‘ योजना संचालित की जायेगी। इसके लिये 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
14. बिलासपुर के पशुपालन महाविद्यालय में अधोसंरचना कार्यों के लिये 5 करोड़ 42 लाख का प्रावधान है। कामधेनु विश्वविद्यालय अंतर्गत पंच गव्य अनुसंधान एवं विस्तार के लिये 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा में अधोसंरचना कार्यों हेतु 1 करोड़ का प्रावधान है।
15. 20 पशु औषधालयों के पशु चिकित्सालयों में उन्नयन तथा 25 नवीन औषधालयों की स्थापना हेतु प्रावधान किया गया है। 10 नवीन पशु औषधालय भवनों के निर्माण हेतु 1 करोड़ 32 लाख का प्रावधान किया गया है।
16. 108 संजीवनी एक्सप्रेस की तर्ज पर पशु रेस्क्यु वाहन सेवा शीघ्र प्रारंभ की जायेगी।
17. हितग्राहियों की स्वयं की भूमि में तालाब निर्माण कर उन्नत रूप से मछली पालन हेतु नवीन योजना प्रारम्भ की जा रही है जिसके लिये 3 करोड़ 15 लाख का प्रावधान किया गया है।
18. मत्स्य पालन हेतु प्रदेश के तालाबों के वैज्ञानिक तरीके से दोहन हेतु मैपिंग के लिये 51 लाख 50 हजार का प्रावधान है।
19. दीर्घकालीन अवधि में किसानों के हित के लिये सरकार ने सभी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों को अपेक्स बैंक में मर्ज कर एक ही बैंक के अंतर्गत् लाने का निर्णय किया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता कम लागत में सुनिश्चित करते हुए उसका विस्तार किया जा सकेगा। बैंकों के संविलियन संबंधी योजना में 5 करोड़ का प्रावधान है। प्राथमिक कृषि साख समितियों को कम्प्यूटराईज्ड करने के लिये 4 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सहकारी शक्कर कारखानों के लिये 75 करोड़ ऋण अग्रिम का प्रावधान किया गया है।
20. कृषि की समृद्धता को बढ़ाने व उसे बरकरार रखने के लिये हमने उसे बाजार से जोड़ने का कार्य भी प्रारम्भ किया। ई-नाम के माध्यम से 14 मण्डियों को कम्प्यूटरीकृत किया गया।
21. राज्य गठन के समय प्रदेश की निर्मित सिंचाई क्षमता 13 लाख 28 हजार हेक्टेयर थी, जो दिसंबर 2018 में बढ़कर 20 लाख 60 हजार हेक्टेयर हो गई है। प्रदेश में सिंचाई क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से वर्ष 2028 तक उपलब्ध सतही जल से 32 लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई क्षमता का सृजन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस वर्ष लगभग 60 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता निर्मित की जायेगी।
22. बजट में सिंचाई योजनाओं के लिए 2 हजार 518 करोड़ का प्रावधान है। इस राशि में से वृहद सिंचाई परियोजनाओं के लिए 946 करोड़ का प्रावधान है। इसके अंतर्गत अरपा भैंसाझार परियोजना हेतु 285 करोड,़ महानदी परियोजना हेतु 255 करोड़ एवं सोंढूर जलाशय के लिए 90 करोड़ का प्रावधान है। लघु सिंचाई परियोजनाओं के लिए 655 करोड़ 50 लाख तथा मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के लिए 86 करोड़ 40 लाख का प्रावधान है। रबी एवं ग्रीष्मकालीन फसलों के उत्पादन हेतु स्थापित जल सिंचाई क्षमता में वृद्धि करने के लिये 100 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।
23. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत वास्तविक सिंचाई में वृद्धि करने के लिए भारत सरकार द्वारा आईएसबीआईजी ISBIG (Incentivization Scheme for Bridging Irrigation Gap) योजना लागू की गयी है। जिसमें निर्माणाधीन 3 परियोजनाएं, महानदी परियोजना, तांदुला परियोजना एवं कोडार परियोजना सहित अन्य 6 नवीन परियोजनाओं मटियामोती, सरोदा, छीरपानी, पेंड्रावन, कुम्हारी एवं खरखरा जलाशयों को भी शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत फील्ड चैनल का निर्माण, सूक्ष्म सिंचाई, नहर सुधार, भू-जल उपयोग आदि कार्य शामिल हैं। योजना हेतु 245 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
अन्त्योदय से गरीब कल्याण
24. हमारी सरकार ने गरीबों के जीवन पर सीधा प्रभाव डालने वाली समस्याओं को चिन्हित किया और उनके जीवन स्तर को सुधारने पर केंद्रित योजनायें लागू की। परिणाम यह हुआ कि लोगों के जीवन स्तर में तेजी से प्रगति आयी। धान खरीदी की व्यवस्था को खाद्य सुरक्षा के साथ जोड़कर हमने न केवल किसानों के हितों का रक्षण किया बल्कि प्रदेश की लगभग 82 प्रतिशत जनता को कवर करते हुए उन्हें खाद्य सुरक्षा कवच प्रदान किया।
25. हमारी पीडीएस व्यवस्था से 57 लाख 70 हजार कार्डधारी परिवार तथा इन परिवारों के 2 करोड़ 10 लाख से अधिक सदस्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इसके लिये हमें न केवल उच्चतम न्यायालय बल्कि केन्द्र सरकार से भी उत्साहवर्धक सराहना प्राप्त हुई है।
26. मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अंतर्गत् 2 हजार 770 करोड़ का प्रावधान है। आदिवासी क्षेत्रों में चना वितरण के लिये 450 करोड़, निःशुल्क नमक वितरण हेतु 100 करोड़ का प्रावधान है। रियायती दर पर शक्कर वितरण हेतु 200 करोड़ का प्रावधान है।
27. धान खरीदी व खाद्य सुरक्षा में अन्य व्ययों एवं हानि की प्रतिपूर्ति हेतु 850 करोड़ का प्रावधान है। त्यौहार मेले में दाल-भात केन्द्रों के संचालन हेतु आवश्यक प्रावधान किया गया है।
28. विकास के विभिन्न आयामों में से स्वास्थ्य का आयाम अपने आप में सबसे महत्वपूर्ण है। हमने स्वास्थ्य अधोसंरचना का विस्तार किया। आज राज्य में 10 मेडिकल कॉलेज, 84 नर्सिग कॉलेज, 26 जिला अस्पताल, 19 सिविल अस्पताल, 169 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा 785 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हैं। मितानिन नेटवर्क को मजबूत कर गांव-गांव में गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों तथा किशोरी बालिकाओं को स्वास्थ्य सलाह एवं परीक्षण की व्यवस्था उपलब्ध करायी। 108 संजीवनी एक्सप्रेस तथा 102 महतारी एक्सप्रेस जैसी एम्बुलेंस सेवायें प्रारम्भ की।
29. राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना से और आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से प्रदेश के सभी परिवारों को पहले 30 हजार और अब बढ़ाकर 50 हजार तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया। वरिष्ठ नागरिकों एवं पत्रकारों के लिये 30 हजार तक का अतिरिक्त बीमा कवर उपलब्ध कराया जायेगा। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना अंतर्गत् 131 करोड़ तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना हेतु 315 करोड़ का प्रावधान है।
30. शिशु मृत्यु दर वर्ष 2003 मंे 70 प्रति हजार से घटकर वर्ष 2016 की स्थिति में 39 तथा मातृ मृत्यु दर वर्ष 2003 मंे 365 प्रति लाख से घटकर वर्ष 2016 की स्थिति में 221 हो गयी। संस्थागत प्रसव 18 प्रतिशत् से बढ़कर 74 प्रतिशत् हो गया। सम्पूर्ण टीकाकरण 56 प्रतिशत् से बढ़कर 76 प्रतिशत् हो गया। सुधार के इन प्रयासों को हम आगे भी जारी रखेंगे।
31. बजट में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु 2 सामुदायिक, 10 प्राथमिक एवं 25 उप स्वास्थ्य केन्द्रों के भवनों के निर्माण हेतु प्रावधान है। 4 जिला अस्पतालों बलौदाबाजार, गरियाबंद, बलरामपुर एवं सूरजपुर को आईपीएचएस मापदंड के अनुरूप उन्नयन करने हेतु अतिरिक्त 268 पदों के सृजन के लिये 9 करोड़ का प्रावधान है। सांरगढ,़ जिला रायगढ़ में 100 बिस्तर सिविल अस्पताल तथा देवभोग में 50 बिस्तर सिविल अस्पताल हेतु 2 करोड़ का प्रावधान है। राज्य के 283 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने हेतु अतिरिक्त पदों के सृजन के लिए रूपये 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
32. शासकीय अस्पतालों में ईलाज की सुविधा को बढ़ाने के लिये हमने यह निर्णय लिया है कि राज्य के जिला अस्पतालों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पैथोलाजी एवं रेडियोलाजी संबंधी समस्त जांच सुविधाएं अब निःशुल्क उपलब्ध करायी जायेंगी। इस हेतु 30 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
33. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत् 1 हजार 11 करोड़, संजीवनी कोष हेतु 56 करोड़ तथा मितानिन कल्याण निधि हेतु 101 करोड़ का प्रावधान है।
34. प्रदेश में मितानिनों के माध्यम से संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, शिशु के स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण सलाह तथा पुनर्वास की योजनाओं को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करने में विशेष सहयोग प्राप्त होता है। वर्तमान में मितानिनों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा देय प्रोत्साहन राशि पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि राज्य शासन द्वारा दी जाती है। अब इसमें 25 प्रतिशत की और वृद्धि करते हुए राज्य शासन की ओर से कुल 75 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है जिससे 70 हजार मितानिनों की वर्तमान मासिक आय में 400 से 1 हजार रु. तक की वृद्धि होगी।
35. मेकाहारा रायपुर में 100 अतिरिक्त स्टॉफ नर्स के पदों के लिये प्रावधान है। मरीजों के रिकार्डों को कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था के माध्यम से संधारण करने के लिये प्रावधान किया गया है। मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में पैथोलाजी, ब्लड बैंक एवं कम्पोनेंट सेंटर हेतु 42 पदों का प्रावधान है।
36. अब हम स्थापित स्वास्थ्य संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण की ओर संसाधनों को केंद्रित कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रायपुर, राजनांदगांव, बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर एवं डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को अत्याधुनिक चिकित्सकीय उपकरणों से सुसज्जित करने के लिये 68 करोड़ 62 लाख तथा निर्माण कार्य हेतु 50 करोड़ का प्रावधान है।
37. गरीबों के जीवन में रौशनी लाने हेतु बी.पी.एल. उपभोक्ताओं को निशुल्क बिजली योजना अंतर्गत् प्रति कनेक्शन 40 यूनिट प्रतिमाह निःशुल्क प्रदाय की जाती है जिसमें 15 लाख बी.पी.एल. परिवार लाभांवित होते हैं। योजना हेतु बजट में 363 करोड़ प्रावधान है।
38. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना अंतर्गत् 4 हजार 589 ग्रामीण बसाहटों का विद्युतीकरण किया जाना है जिसमें 1 लाख 36 हजार ग्रामीण बी.पी.एल. परिवारों को निःशुल्क विद्युत कनेक्शन दिये जायेंगे। सम्पूर्ण योजना लागत 1 हजार 247 करोड़ है। इसमें 80 नये 33/11 के.व्ही. सब स्टेशन का भी निर्माण किया जायेगा।
39. प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना ’’सौभाग्य’’ अंतर्गत विद्युत कनेक्शन से वंचित सभी परिवारों को विद्युत कनेक्शन दिया जायेगा। विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा ग्रिड से 4 लाख 50 हजार एवं क्रेडा के माध्यम से 44 हजार 151 घरों में सौर ऊर्जा से विद्युतीकरण किया जायेगा। कुल 833 करोड़ लागत की इस योजना के राज्यांश हेतु 85 करोड़ प्रावधान है।
40. छत्तीसगढ़ ऊर्जा का हब होने के कारण सस्ते दर पर 24 घण्टे बिना पावर कट बिजली देने वाला राज्य है। विगत 14 वर्षों में 22 लाख नये विद्युत कनेक्शन, सिंचाई पंप के 3 लाख नये कनेक्शन, 10 लाख बीपीएल परिवारों को कनेक्शन दिये गये। प्रति व्यक्ति विद्युत खपत 1 हजार 724 यूनिट हो गई है जो देश में सर्वाधिक है।
41. आम आदमी बीमा योजना एवं अटल खेतीहर बीमा योजना में बीमित सदस्यों में से 18 से 50 वर्ष आयु के पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में समाहित किया जाना प्रस्तावित है। इससे सामान्य परिस्थितियों में मृत्यु पर 30 हजार के स्थान पर 2 लाख बीमा कवर एवं दुर्घटना से मृत्यु अथवा स्थायी अपंगता की स्थिति में 75 हजार के स्थान पर 4 लाख का बढ़ा हुआ बीमा कवर प्राप्त होगा। 10 लाख परिवारों को 1 मई 2018 से बीमा कवर का लाभ दिया जायेगा।
42. श्रमिक कल्याण के लिये असंगठित श्रमिक सुरक्षा एवं कल्याण मंडल के बजट को पूर्व वर्ष 19 करोड़ 25 लाख से बढ़ाकर इस बजट में 29 करोड़ 25 लाख किया गया है। असंगठित सफाई कर्मकार कल्याण मण्डल हेतु 10 करोड़ तथा ठेका मजदूर, घरेलू कामकाजी महिला एवं हम्माल कल्याण मण्डल के लिये 10 करोड़ का प्रावधान है।
43. कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के अंतर्गत बीमित व्यक्तियों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की नवीन योजना हेतु 10 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। इससे श्रमिकों को उपचार हेतु तत्काल राशि की व्यवस्था करने की चिंता से मुक्ति मिलेगी तथा वे आसानी से अपना उपचार करा सकेंगे।
44. पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्न सहायता योजना अंतर्गत प्रदेश में श्रमिकों को 5 से 10 रु. में गरम पका भोजन उपलब्ध कराने की योजना संचालित है जिससे प्रतिदिन लगभग 4 हजार श्रमिक लाभ उठा रहे हैं।
45. सामाजिक सुरक्षा पेंशन वृद्ध, विधवा, निराश्रितों के सुखी जीवन-यापन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन पेंशन योजनाओं से 16 लाख हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। वर्ष 2018-19 से ‘‘मुख्यमंत्री पेंशन योजना‘‘ तैयार कर सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2011 में पाये अति वंचित अतिरिक्त 3 लाख वृद्धजनों तथा विधवा/परित्यक्ताओं को भी पेंशन देना प्रारम्भ किया जायेगा।
46. राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में 181 करोड़, सुखद सहारा योजना में 104 करोड़, राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना में 60 करोड तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन हेतु 360 करोड़ का प्रावधान है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना में 46 करोड़ का प्रावधान है।
47. प्रदेश के हाथकरघा उद्योग में कार्यरत बुनकरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु 9 करोड़ 94 लाख का प्रावधान किया गया है। सरगुजा में मिनी अर्बन हाट की स्थापना तथा हाथकरघा क्षेत्र में व्यावसायिक डिजाईनरों के सहयोग से बाजारोन्मुख नये डिजाईनों के विकास हेतु प्रावधान किया गया है।
48. प्रदेश के राष्ट्रीय तथा राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त बुनकरों को मासिक आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु नयी योजना लागू की जायेगी। ‘‘मिट्टी से रेशम तक‘‘ कोसा परियोजना प्रारंभ करने हेतु बजट प्रावधान किया गया है।
49. स्वरोजगार प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं में से प्रमुख प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में वर्ष 2016-17 में 8 लाख 63 हजार हितग्राहियों को 3 हजार करोड़ से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया। इस वर्ष भी हम लक्ष्य से बेहतर उपलब्धि की स्थिति में है। दंतेवाड़ा में ई-रिक्शा चलाकर आजीविका कमा रही महिलाओं के प्रयासों को माननीय् प्रधानमंत्री जी ने भी सराहा है। स्टैण्डअप योजना में भी हमने राष्ट्रीय स्तर से बेहतर प्रदर्शन किया।
नारी शक्ति का आव्हान
50. समाज को जोड़ने तथा नई पीढ़ी के निर्माण में महिलाओं का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है। महिलाओं के शिक्षा एवं स्वास्थ्य से सम्पूर्ण समाज का विकास जुड़ा हुआ है। इसलिये हमने महिलाओं के सशक्तीकरण एवं उनके शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर निरन्तर फोकस किया है।
51. छत्तीसगढ़ में महिलाओं में कुपोषण की दर 2005-06 में 47.1 प्रतिशत थी जो अब हमारे प्रयासों से घटकर 37.7 प्रतिशत रह गई है। विगत 10 वर्षो में स्टंटिंग में 15.3 प्रतिशत की कमी के लिए भारत शासन द्वारा 2017 में छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ राज्य के रूप में पुरस्कृत किया गया है।
52. आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से पूरक पोषण आहार कार्यक्रम में दी जाने वाली सहायता में वृद्धि की गई है। यह सहायता अब बच्चों के लिए 6 रूपये के स्थान पर 8 रूपये, गर्भवती महिलाओं को 7 रूपये के स्थान पर 9 रूपये 50 पैसे तथा किशोरी बालिकाओं के लिए 5 रूपये के स्थान पर 9 रूपये 50 पैसे की दर से उपलब्ध कराया जायेगी। योजना के लिये 735 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
53. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण की योजनाओं में योगदान को देखते हुए राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मानदेय राशि 4 हजार से बढ़ाकर 5 हजार, आंगनबाड़ी सहायिकाओं की मानदेय राशि 2 हजार से बढ़ाकर 2 हजार 500 एवं मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मानदेय राशि 2 हजार 250 से बढ़ाकर 2 हजार 750 करने का निर्णय लिया है। एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को इसका लाभ प्राप्त होगा।
54. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं की सेवा पूरी होने पर शासन द्वारा कार्यकर्ताओं को 50 हजार तथा सहायिकाओं को 25 हजार एकमुश्त राशि दी जायेगी।
55. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत् 100 करोड़ का प्रावधान है। पूर्व में यह योजना केवल बस्तर, धमतरी तथा कोण्डागांव जिलों में संचालित थी जिसको विस्तारित कर अब सभी जिलों में संचालित किया जा रहा है। योजना में गर्भवती महिला को 3 किश्तों में कुल 5 हजार सहायता राशि देने का प्रावधान है।
56. एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के अंतर्गत् 525 करोड़ 92 लाख का प्रावधान है। मुख्यमंत्री अमृत योजना अंतर्गत् 42 करोड़ 95 लाख, महतारी जतन योजनांतर्गत् 25 करोड़, नोनी सुरक्षा योजना में 30 करोड़ तथा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में 13 करोड़ तथा सबला योजना में 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
57. पुलिस महिला वालन्टियर योजना ‘‘चेतना‘‘ के अंतर्गत कोरिया एवं दुर्ग जिले में 9 हजार से अधिक महिलाओं को 1 हजार रु. प्रतिमाह मानदेय प्रदाय कर उन्हें महिलाओं के विरूद्ध अपराधों के नियंत्रण हेतु सजग कर सशक्त बनाया जायेगा। योजना में लगभग 500 महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
58. प्रधानमंत्री उज्वला योजना में गरीब परिवारों की महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन दिया जाता है। हमने इस योजना में प्रथम रिफिल गैस सिलेंडर के साथ डबल बर्नर चुल्हा केवल 200 रु. में बांटने का फैसला किया। इस हेतु अनेक स्त्रोतों से कुल 348 करोड राशि कनवर्जेंस से प्राप्त की। हमने 2 वर्ष में 18 लाख नये कनेक्शन प्रदाय किये। अब छत्तीसगढ़ में गैस कनेक्शन बढ़कर 36 लाख 38 हजार हो गये हैं।
59. ग्रामीण बालिकाओं को स्वच्छ सेनेटरी नेपकिन उपलब्ध कराने हेतु हमारी सरकार द्वारा शुचिता योजना प्रारंभ कर 20 जिलों की 2 हजार 22 शालाओं में सेनेटरी नेपकिन वितरण हेतु वेन्डिंग मशीनों की स्थापना की गई। इससे लगभग 3 लाख बालिकाओं को लाभ प्राप्त हो रहा है। सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अब योजना के कवरेज को बढ़ाते हुए पर्याप्त बालिकाओं की दर्ज संख्या वाले सभी महाविद्यालयों, हाईस्कूलों एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में क्रियान्वित किया जायेगा। योजना के विस्तार से 10 लाख बालिकाओं को लाभ प्राप्त होगा।
गुणवत्तायुक्त शालेय शिक्षा – नये भारत का उद्गम
60. हमारा विश्वास है कि नया भारत ज्ञान के मंदिरों से निकलेगा, इसलिये छत्तीसगढ़ में शालेय शिक्षा की अधोसंरचना को विस्तारित व सुविधाओं से समृद्ध करने के साथ गुणवत्ता बढ़ाने के लिये अनेक कदम उठाये गये हैं। विगत् 14 वर्षों में बच्चों की स्कूल तक पहुंच सुलभ कराने के लिये हमने स्कूलों की संख्या को 30 हजार से बढ़ाकर 48 हजार किया। निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण, निःशुल्क गणवेश वितरण तथा सरस्वती सायकल योजना जैसी योजनाओं को संचालित किया। परिणामतः शालाओं में बच्चों की दर्ज संख्या 46 लाख से बढ़कर 58 लाख हुई। आज के दिन शाला त्याग दर केवल शून्य से 1 प्रतिशत के बीच है।
61. स्कूल शिक्षा के लिये बजट प्रावधान 12 हजार 472 करोड़ है जो कि इस बजट में किसी विभाग को आवंटित सबसे बड़ी राशि है।
62. राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों एवं अधिसूचित जिलों में ‘‘अटल एकीकृृत आवासीय शैक्षणिक परिसर’’ की स्थापना की रूपरेखा तैयार की जा रही है। सर्वप्रथम दंतेवाड़ा जिलें में स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर स्कूल पूर्व शिक्षा, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा से संबधित सभी संस्थानों को एक ही परिसर में स्थापित करने की दृष्टि से दंतेवाड़ा एजुकेशन सिटी की स्थापना की गयी। इसी प्रकार सुकमा जिले में भी एजुकेशन हब की स्थापना की जा चुकी है तथा नारायणपुर, बीजापुर, सरगुजा एवं कोरबा जिलों में भी इस प्रकार की आवासीय शैक्षणिक परिसरों की स्थापना का कार्य जिला स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के कनवर्जेंस से किया जा रहा है।
63. इस बजट में 129 पूर्व माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल में एवं 130 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन का प्रावधान है। 40 प्राथमिक शाला, 25 माध्यमिक शाला, 100 हाईस्कूल एवं 50 हायर सेकेण्डरी स्कूल भवनों के निर्माण के लिए 34 करोड़ का प्रावधान है। शालाओं में स्वच्छता सामग्रियों के क्रय हेतु 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
64. राज्य में वर्चुअल एजुकेशन परियोजना के अंतर्गत कक्षा 8 से 12 के विद्यार्थियों को ई-शिक्षा प्रदान करने के लिए ‘‘ई-विद्या’’ सॉफ्टवेयर एवं शैक्षणिक सामग्री तैयार करने का कार्य किया जाएगा। इस हेतु 5 करोड़ 47 लाख का प्रावधान है।
65. राष्ट्र निर्माण एवं देश के भविष्य को संवारने में हमारे शिक्षकगण की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। स्थानीय निकायों के शिक्षकगण द्वारा उठाये विषयों के निराकरण हेतु सरकार पूर्णतः गंभीर एवं संवेदनशील है। इन विषयों का मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा परीक्षण किया जा रहा है। समिति की रिपोर्ट आने पर हमारी सरकार सभी विकल्पों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर निर्णय करेगी।
66. सर्व शिक्षा अभियान के लिए 1 हजार 500 करोड़, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए 674 करोड़, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के लिए 599 करोड़, निःशुल्क पाठ्य पुस्तक प्रदाय के लिए 110 करोड़ तथा शिक्षाकर्मियों के वेतन हेतु 3 हजार 500 करोड़ का प्रावधान है। एकीकृत अम्ब्रेला योजना अंतर्गत् 93 करोड़ 45 लाख का प्रावधान है। भवनों के अनुरक्षण हेतु 150 करोड़ का प्रावधान है। शासकीय शालाओं में पेयजल उपलब्ध कराने हेतु 10 करोड़ 88 लाख का प्रावधान है।
विकास की नई क्रांति – अनुसूचित जाति एवं जनजाति
67. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, एवं विशेष पिछड़ी जनजाति के कल्याण के लिये हमारी सरकार सदैव संवेदनशील रही है। पिछड़े वर्गों के कल्याण हेतु व उन्हें बराबरी पर लाने के लिये बजट के संसाधनों में अनुसूचित जनजाति तथा अनुसूचित जाति घटकों हेतु कुल 20 हजार 645 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
68. हमारी सरकार वनवासियों के जीवन में लघु वनोपज के महत्व को भलीभंाति समझती है इसलिये लघु वनोपज के समर्थन मूल्य पर क्रय की निरंतर व्यवस्था की गई है। हमने भारत सरकार द्वारा वर्ष 2017-18 के लिये घोषित लघु वनोपज के समर्थन मूल्य पर बोनस देने का निर्णय लिया है। साल बीज पर 12 रु. पर 1 रु., हर्रा पर 8 रु. पर 3 रु., ईमली पर 18 रु. पर 7 रु., महुआ बीज पर 20 रु. पर 2 रु., कोसमी लाख पर 167 रु. पर 33 रु., चिरोंजी गुठली पर 93 रु. पर 12 रु. बोनस राशि संग्रहण दर के साथ प्रदान की जायेगी। इससे 14 लाख परिवारों से जुड़े संग्रहणकर्ता लाभान्वित होंगे।
69. प्रदेश में भवन विहीन सभी 663 छात्रावास-आश्रमभवनों के भवन निर्माण की एक महती योजना प्रारंभ की गई है, जिसके अंतर्गत 77 भवन नाबार्ड पोषित योजनाओं से, 146 भवन डी.एम.एफ. के माध्यम से तथा शेष 410 भवनों का निर्माण बाह्य सहायित योजनाओं के अंतर्गत किया जाएगा। इस हेतु बजट में 130 करोड़ का प्रावधान है। इससे सभी आश्रम छात्रावासों को सुविधायुक्त भवन प्राप्त हो जायेंगे।
70. नक्सली हिंसा में प्रभावित परिवारों के मेधावी बच्चों को स्वस्थ्य परिवेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदाय करने हेतु प्रारंभ की गई ‘‘मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना’’ सफल रही है। इसका विस्तार कर प्रयास विद्यालय अंबिकापुर, बस्तर तथा दुर्ग में कक्षा 9वीं तथा कांकेर में कक्षा 11वीं प्रारंभ की जाएगी। कोरबा एवं जशपुर में नवीन प्रयास आवासीय विद्यालय स्थापित किया जाएगा। इस हेतु 9 करोड़ का प्रावधान है। प्रयास विद्यालयों के आई.आई.टी. एवं एन.आई.टी. में प्रवेशित विद्यार्थियों को लेपटॉप प्रदाय किया जाएगा।
71. उच्चारण भेद के कारण अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के प्रमाण-पत्र जारी होने में कठिनाईयां को देखते हुए हमारी सरकार ने संवेदनशीलता से अनुसूचित जनजाति श्रेणी में 22 जातियों के 66 उच्चारण विभेद तथा अनुसूचित जाति श्रेणी में 5 जातियों के 19 उच्चारण विभेद मान्य करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय से जाति प्रमाण पत्र जारी करना सरल हो गया है। 6वीं से 12वीं में अध्ययनरत 15 लाख से अधिक स्कूली छात्रों को शाला में ही कैम्प लगाकर स्थायी जाति प्रमाणपत्र वितरित करने की व्यवस्था की गई है।
72. अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की वार्षिक दर को 1 हजार 100 से बढ़ाकर 2 हजार 500 करने हेतु 12 करोड़ का प्रावधान है। इससे 2 लाख 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को लाभ होगा।
73. कक्षा 11 वीं एवं 12 वीं के आवासीय छात्रों के बौद्धिक विकास हेतु इन्हें ‘‘हमर छत्तीसगढ़’’ योजना में शामिल करते हुए शैक्षणिक भ्रमण का लाभ प्रदाय किया जाएगा। छात्रों के नैसर्गिक खेल प्रतिभा को विकसित करने हेतु रायपुर एवं बिलासपुर में पिछड़ा वर्ग बालक तथा भानपुरी जिला-बस्तर में अनुसूचित जनजाति कन्या 100 सीटर क्रीडा परिसर स्थापित किये जायेंगे।
74. बगीचा, सुकमा एवं डोंडीलोहारा में 50 सीटर कन्या छात्रावास तथा बगीचा एवं बतौली में बालक छात्रावास स्थापित किया जावेगा।
75. जगदलपुर में अमर शहीद गुण्डाधूर की स्मृति में एक स्मारक एवं संग्रहालय का निर्माण करने हेतु 3 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
76. प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में बेमेतरा, बलौदाबाजार-भाटापारा, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर एवं मुंगेली जिलों के अनुसूचित जाति बाहूल्य 175 ग्रामों में आवास, पेयजल, विद्युत, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को केन्द्रित करते हुए आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने का कार्य संचालित है। योजना में और 328 ग्रामों को जोड़ने हेतु कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
77. विवेकानंद गुरूकुल उन्नयन योजना में 266 करोड़, राज्य छात्रवृत्तियों हेतु 170 करोड़, अनुच्छेद 275 (1) अंतर्गत् 162 करोड़ तथा विशेष केन्द्रीय सहायता पोषित योजनाओं से स्थानीय विकास हेतु 270 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
78. सरगुजा-जशपुर विकास प्राधिकरण, बस्तर विकास प्राधिकरण एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तीनों हेतु 35 करोड़ 50 लाख का प्रावधान एवं कुल 106 करोड़ 50 लाख प्रावधान है। ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण हेतु 64 करोड़ का प्रावधान है।
युवा शक्ति का संधान
79. युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप विकसित करने के लिये स्कूल शिक्षा से लेकर कॉलेज एवं उच्च शिक्षा, तथा स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से हम अपनी नई पीढ़ी को सशक्त बना रहे हैं। युवाओं को रोजगारमूलक प्रशिक्षण देने व उनके तकनीकी कौशल में वृद्धि करने हेतु व्यवस्था की गई है ताकि आधुनिक अर्थव्यवस्था में उपलब्ध रोजगार के अवसरों का वे लाभ उठा सकें और स्वरोजगार की ओर उन्मुख हों। युवाओं के लिये बजट में 3 हजार 894 करोड़ का प्रावधान है।
80. इस बजट में 7 नवीन आईटीआई भवन निर्माण सीतापुर, अंबागढ़ चौकी, नरहरपुर, बकावण्ड, नारायणपुर, भैरमगढ़ एवं कोण्टा हेतु 4 करोड़ 92 लाख का प्रावधान किया गया है। 17 आईटीआई में अतिरिक्त पाठ्यक्रम प्रारम्भ किये जाने तथा 30 आईटीआई में मशीन उपकरण के लिये 12 करोड़ का प्रावधान है। 18 पॉलिटेकनिक संस्थाओं में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार हेतु 14 करोड़ 30 लाख का प्रावधान है।
81. शासकीय पॉलिटेक्निक भाटापारा एवं सुकमा में 50 सीटर कन्या छात्रावास एवं अधीक्षिका सह चौकीदार आवास निर्माण तथा शासकीय पॉलीटेक्निक दुर्ग में बालक छात्रावास निर्माण हेतु कुल 1 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है।
82. राज्य के 17 हजार छात्र-छात्राओं को लैपटॉप वितरण करने हेतु 60 करोड़ का प्रावधान छत्तीसगढ़ युवा सूचना क्रांति योजना के अंतर्गत् किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, नया रायपुर को 25 करोड़ का अनुदान दिया जायेगा। सिपेट के एकेडमिक भवन निर्माण हेतु 2 करोड़ 50 लाख का प्रावधान है।
83. कौशल विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य है। राज्य के विशेष पिछड़ी जनजातियों के 3 हजार 624 युवाओं, 2 हजार 361 विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं, 81 ट्रांसजेण्डर तथा 4 हजार 84 जेल बंदियों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। सिपेट में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के 2 हजार 537 अनुसूचित जनजाति के युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें से 77 प्रतिशत युवाओं को नियोजित भी किया जा चुका है।
84. नवीन योजना मुख्यमंत्री कौशल स्वरोजगार योजना प्रारम्भ की जायेगी जिसमें स्किल्ड युवाओं में से चयनित युवाओं को स्वरोजगार हेतु अपना व्यवसाय प्रारम्भ स्थापित करने के लिये ऋण सहायता के रूप में अनुदान दिया जायेगा।
85. हमारा यह निरंतर प्रयास रहा है कि प्रदेश के अधिकाधिक युवाओं को गुणवतापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदाय की जाए। उच्च शिक्षा के अधिकतम विस्तार हेतु इस बजट में 30 और नवीन महाविद्यालय खोलने का प्रावधान शामिल किया गया है। ये महाविद्यालय सरगुजा जिले के विकासखण्ड मुख्यालय लखनपुर एवं मैनपाट, गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखण्ड के गोहरापदर, जशपुर जिले के विकासखण्ड पत्थलगांव में बागबहार, जशपुर विकासखण्ड में मनोरा, सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखण्ड में चांदनी-बिहारपुर, कोरबा जिले के विकासखण्ड पोड़ी-उपरोड़ा में जटगा, कांकेर के विकासखण्ड मुख्यालय नरहरपुर, कोरिया जिले के विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़ में केल्हारी, राजनांदगांव जिले के विकासखण्ड मानपुर में औंधी, राजनांदगांव विकासखण्ड में ठेलकाडीह, कबीरधाम जिले के विकासखण्ड बोड़ला में झलमला, पण्डरिया विकासखण्ड के कुईकुकदूर, महासमुंद जिले के विकासखण्ड पिथौरा में पिरदा, बागबाहरा विकासखण्ड में तेंदूकोना, महासमुंद विकासखण्ड में चिरको, दुर्ग जिले में जामुल, साजा विकासखण्ड में परपोड़ी, दुर्ग विकासखण्ड के मचांदूर, धमतरी जिले में कुरूद विकासखण्ड के सिलौटी, रायपुर जिले में भाटागांव, गुढ़ियारी एवं आरंग विकासखण्ड में समोदा, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में बिलाईगढ़ विकासखण्ड के सोनाखान, भाटापारा विकासखण्ड के मोपका-निपनिया एवं पलारी विकासखण्ड के वटगन, बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड में माहूद-बी, जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह विकासखण्ड में बिर्रा, सक्ती विकासखण्ड में नगरदा एवं मुंगेली जिले के पथरिया विकासखण्ड में अमोरा में खोले जायेंगे।
86. राज्य के महाविद्यालयों को आदर्श महाविद्यालय के रूप में विकसित करने हेतु ‘‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श महाविद्यालय योजना’’ लागू करने का निर्णय लिया गया है। पीजी कॉलेज जगदलपुर, पीजी कॉलेज कांकेर, एनईएस महाविद्यालय जशपुर, पीजी साईंस कॉलेज रायपुर, पीजी कॉलेज धमतरी, पीजी कॉलेज राजनांदगांव, कन्या पीजी कॉलेज बिलासपुर, पीजी कॉलेज कवर्धा, पीजी कॉलेज कोरबा एवं पीजी कॉलेज अंबिकापुर के 11 कॉलेजों के आधुनिकीकरण हेतु 21 करोड़ का बजट प्रावधान रखा गया है। योजना में अधोसंरचना उन्नयन एवं उपकरण प्रदाय के कार्य किये जायेंगे।
87. वर्ष 2017-18 में प्रारंभ किये गये सरिया, चंद्रपुर, बीरगांव एवं खरोरा तथा शासकीय कल्याण महाविद्यालय नंदिनी नगर हेतु नवीन भवन निर्माण तथा 100 शासकीय महाविद्यालयों में दिव्यांगों के लिए रैम्प निर्माण हेतु 7 करोड़ का बजट प्रावधान रखा गया है।
88. उच्च शिक्षा के अवसरों में विस्तार के लिए 15 स्नातक महाविद्यालयों को स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में उन्नयित किया जाएगा। 35 महाविद्यालयों मंे स्नातक स्तर के तथा 35 महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर के नवीन पाठ्यक्रम प्रारंभ किये जायेंगे। 45 शासकीय महाविद्यालयों में सेटेलाईट आधारित क्लास रूम की स्थापना की जावेगी।
89. बजट में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान रूसा अंतर्गत 112 करोड़, महाविद्यालयों को पोषण अनुदान 43 करोड़, रविशंकर विश्वविद्यालय रायपुर हेतु 31 करोड़, इंदिराकला विश्वविद्यालय खैरागढ़ हेतु 18 करोड़, सरगुजा विश्वविद्यालय हेतु 7 करोड़, बस्तर विश्वविद्यालय हेतु 9 करोड़ 25 लाख, दुर्ग विश्वविद्यालय हेतु 10 करोड़ का प्रावधान है।
90. खेलों में बच्चों एवं युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 60 मिनी स्टेडियम निर्माण हेतु 30 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। सरगुजा में खेल अकादमी तथा रायपुर में एथलेटिक्स अकादमी स्थापना करने के लिए आवश्यक प्रावधान किया गया है।
91. संस्कृति विभाग के अंतर्गत मुक्तांगन संग्रहालय में सरगुजा प्रखंड के निर्माण हेतु रूपये 1 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। ‘‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘‘ नवीन योजना हेतु रूपये 3 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
92. पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये डोंगरगढ़ में रिसार्ट के निर्माण हेतु 20 लाख, कुदरगढ़ में रोप-वे हेतु 2 करोड़ तथा दामाखेड़ा के अधोसंरचना विकास हेतु 50 लाख का प्रावधान किया गया है। ट्रायबल टूरिज्म सर्किट हेतु 1 करोड़ का प्रावधान है। राज्य पर्यटन विकास मण्डल को अनुदान हेतु 26 करोड़ प्रावधान है।
93. योग आयोग के माध्यम से योग प्रशिक्षण हेतु 25 लाख तथा सामग्री हेतु 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
गांव: खुशियों की छांव
94. छत्तीसगढ़ के विकास की परिकल्पना के केन्द्र में हमारे 20 हजार से अधिक गांव हैं जिनका सर्वांगिण विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए बजट में 9 हजार 222 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
95. माननीय् प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विश्व की सबसे बड़ी आवास निर्माण योजना प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में छत्तीसगढ़ में मार्च 2019 तक 6 लाख 88 हजार परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। 4 लाख 38 हजार परिवारों के लिए आवास स्वीकृत कर 2 लाख 37 हजार आवास निर्मित किये जा चुके हैं। निर्माणाधीन आवास की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु सर्वाधिक राजमिस्त्रीयों को प्रशिक्षण देने के लिए राज्य को देश में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। योजना हेतु बजट में 2 हजार 354 करोड़ का प्रावधान है। इसके बेहतर क्रियान्वयन के लिये ग्रामीण हाऊसिंग कार्पोरेशन का गठन किया जायेगा। 3 हजार 427 करोड़ की अतिरिक्त राशि की व्यवस्था की जायेगी।
96. बस्तर संभाग के 4 जिलों बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा एवं दंतेवाड़ा में 2 कच्चे कमरे वाले हितग्राहियों को आवास का लाभ देने हेतु निर्णय लिया गया है जिससे 55 हजार 315 हितग्राहियों को समय पूर्व योजना में पक्का मकान प्राप्त हो सकेगा।
97. स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत् भारत सरकार द्वारा देश को 2 अक्टूबर 2019 तक खुले में शौच से मुक्त करने का संकल्प लिया गया। मुझे यह बताते हर्ष हो रहा है कि इसमें हम अग्रणी राज्यों में खड़े हैं। दिसंबर 2017 तक हमारी 10 हजार 587 ग्राम पंचायतें, तथा 135 विकासखंड ओ.डी.एफ हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ में स्वच्छ भारत मिशन का लक्ष्य निर्धारित राष्ट्रीय समयसीमा के डेढ़ वर्ष पूर्व ही हासिल कर लिया जायेगा। इस योजना हेतु 800 करोड़ का बजट प्रावधान रखा गया है।
98. राज्य के 85 विकासखण्डों में ग्रामीण आजीविका मिशन संचालित है तथा आगामी वर्ष में 28 नये विकासखण्डों में इसका विस्तार किया जायेगा। विगत 5 वर्षों में 76 हजार 277 स्व-सहायता समूहों को बैंक लिंकेज के माध्यम से 1 हजार 12 करोड़ रूपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। मिशन हेतु 300 करोड़ का प्रावधान है।
99. महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत वर्ष 2017-18 में 8 करोड़ 28 लाख 26 हजार मानव दिवस रोजगार का सृजन किया गया है। इस वर्ष नरेगा मजदूरों के लिए 10 लाख 55 हजार नवीन बैंक खाते खोले गए हैं। इससे वर्ष 2017-18 में 94.3 प्रतिशत मजदूरी का निर्धारित समयावधि के अन्दर भुगतान किया गया है। नरेगा के लिए 1 हजार 419 करोड का बजट प्रावधान है।
100. ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत रोजगार सहायकों के मानदेय में वृद्धि की जायेगी। 5 वर्ष व इससे अधिक अवधि वाले रोजगार सहायकों को 4 हजार 650 के स्थान पर 6 हजार प्रतिमाह तथा 5 वर्ष से कम अवधि वाले रोजगार सहायकों को 5 हजार प्रतिमाह बढ़ा हुआ मानदेय दिया जायेगा। इससे 8 हजार 656 रोजगार सहायक लाभान्वित होंगे।
101. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत अब तक 8 हजार 828 बसाहटें जुड़ चुकी है। बजट में इस वर्ष 1 हजार 460 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में 3 हजार 250 किलोमीटर लंबाई की 1 हजार 155 सड़कें निर्मित की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना में अब तक 6 हजार 211 गौरव पथ निर्मित किए गए हैं। इस वर्ष मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं ग्राम गौरव पथ के लिए 220 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
102. 1 जुलाई 2016 से प्रारम्भ ’’हमर छत्तीसगढ़ योजना’’ अंतर्गत अब तक 1 लाख 22 हजार पंचायत प्रतिनिधियों को रायपुर भ्रमण कराया जा चुका है।
103. स्थानीय विकास में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्था के प्रतिनिधियों की महती भूमिका को देखते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष हेतु मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 15 हजार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष हेतु 6 हजार से बढ़ाकर 10 हजार एवं जिला पंचायत सदस्यों हेतु 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार किया जायेगा। इसी प्रकार जनपद अध्यक्षों का मानदेय 4 हजार 500 से बढ़ाकर 6 हजार, जनपद उपाध्यक्षों का 2 हजार 500 से बढ़ाकर 4 हजार एवं जनपद सदस्यों का 1 हजार 200 से बढ़ाकर 1 हजार 500 किया जायेगा।
104. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन के लिए 47 करोड़ तथा मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के लिए 360 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
105. सुदूर ग्रामीण अंचल में 3 हजार 586 सौर उर्जा आधारित पंप के माध्यम से जलप्रदाय किया जा रहा है तथा 3 हजार 708 पंप स्थापना का कार्य प्रगति पर है।
106. राज्य द्वारा स्वयं के संसाधनों से 389 करोड लागत की 293 ग्रामों में जलप्रदाय हेतु 12‘‘मल्टी विलेज स्कीम‘‘ स्वीकृत की गयी है, जिससे 7 लाख 46 हजार जनसंख्या लांभान्वित होगी। इन योजनाओं से पेयजल संकट तथा आर्सेनिक, फ्लोराइड, लाल एवं खारे पानी से प्रभावित ग्रामों में शुद्ध पेयजल प्रदाय करने से ग्रामीणों को राहत मिली है।
107. राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम अ्रंतर्गत 2 हजार 750 बसाहटों में हेडपंप, नलजल, अथवा स्पॉट सोर्स द्वारा स्वच्छ पेयजल एवं घरेलू उपयोग हेतु पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 184 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
108. ग्रामीण जल प्रदाय योजना अंतर्गत 6 हजार बसाहटों को नलकूप हैण्डपंप द्वारा समुचित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 200 करोड़, सौर ऊर्जा आधारित ग्रामीण पेयजल योजना अंतर्गत 146 सौर पम्पों से पाईप लाईन के माध्यम से ग्रामीण बसाहटों में पेयजल उपलब्ध कराने व संधारण के लिए 12 करोड़ का प्रावधान है।
अधोसंरचना
109. अध्यक्ष महोदय आज के आधुनिक युग में बहु-आयामी कनेक्टिविटी न केवल आर्थिक प्रगति एवं विकास के लिये आवश्यक है, बल्कि जीवन की सुगमता के लिये भी मूलभूत आवश्यकता हो चुकी है। अपनी भौगोलिक परिस्थिति का लाभ उठाते हुए राज्य को पूरे देश के लाजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने हेतु हम प्रयासरत हैं। इसके लिये सड़क, रेल तथा वायु मार्ग की कनेक्टिविटी आवश्यक है। मोबाईल एवं इन्टरनेट कनेक्टिविटी आज लोगों की जीवनशैली का एक अभिन्न अंग है। शासकीय योजनाओं की रिपोर्टिंग, बैंकिंग सेवाओं के प्रदाय तथा जीएसटी जैसी नई कर प्रणाली के क्रियान्वयन हेतु भी यह एक प्रारंभिक आवश्यकता है।
110. प्रदेश में 1 हजार 329 कि.मी. राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन का कार्य 11 हजार 558 करोड़ लागत से प्रचलित है। हमने न केवल सड़कों का जाल बिछाया बल्कि उसमें गुणवत्ता में भी वृद्धि की। मल्टीलेन मार्ग की लंबाई 31 कि.मी. से लगभग 30 गुना बढ़ाकर 934 कि.मी. की गई। 2 लेन सड़क की लंबाई 1 हजार 251 कि.मी. से लगभग 5 गुना बढ़ाकर 6 हजार 271 कि.मी. की गई।
111. सेतु भारतम योजना अन्तर्गत प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गो पर सभी लेवल क्रासिंग पर आर.ओ.बी. निर्माण की कार्यवाही होना है जिससे शीघ्र ही समस्त राष्ट्रीय राजमार्ग लेबल क्रासिंग मुक्त हो जायेंगे।
112. भारत माला योजनान्तर्गत रायपुर-दुर्ग मार्ग में 6 लेन बायपास, रायपुर-विशाखापटनम मार्ग एवं बिलासपुर-सीपत-उरगा-हाटी-पत्थलगॉंव मार्ग का 4 लेन के रूप में, इस प्रकार कुल 410 कि.मी. सड़कों का निर्माण किया जायेगा।
113. प्रदेश के 124 ब्लाक मुख्यालय 7 मीटर चौड़ी सड़कों से जोड़े जा चुके हैं एवं शेष को शीघ्र ही जोड़ दिया जायेगा।
114. ए.डी.बी. प्रथम चरण अन्तर्गत 1188 कि.मी. सड़कें बनाई गई। द्वितीय चरण अन्तर्गत 856 कि.मी. सड़के बनाई जा रही हैं। तृतीय चरण हेतु 1468 कि.मी. सड़कें चिन्हित की गई है। इनके निर्माण पर 3 हजार 250 करोड़ व्यय किये जायेंगे। छत्तीसगढ़ रोड डेव्पलमेंट कार्पोरेशन के जरिये 755 कि.मी. लम्बाई के 26 मार्गों का 2 हजार 323 करोड़ की लागत से निर्माण किया जा रहा है।
115. इस बजट में लोक निर्माण विभाग के लिये 7 हजार 187 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सड़क एवं पुलों के निर्माण के लिए 4 हजार 20 करोड़ का प्रावधान है। रेल्वे ओवरब्रिज के लिए 120 करोड़, वृहद् पुलों के लिए 260 करोड़, राज्य मार्गों के निर्माण के लिए 181 करोड़ 54 लाख तथा ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों के लिए 565 करोड़ का प्रावधान है। केन्द्रीय सड़क निधि अंतर्गत् 200 करोड़ का प्रावधान है।
116. भवन निर्माण कार्यों के अंतर्गत बजट में 856 करोड़ 71 लाख का प्रावधान है। मुख्य कार्यों में दिल्ली, मुम्बई तथा पुरी में नये छत्तीसगढ़ भवन शामिल हैं।
117. नगरीय निकायों में उर्जा की बचत के दृष्टिकोण से मार्ग प्रकाश व्यवस्था हेतु लगायी गई 3 लाख 19 हजार परंपरागत लाईटों को एलईडी लाईटों में परिवर्तन किया जा रहा है। इस वर्ष योजना में 14 करोड़ 59 लाख का प्रावधान है।
118. राज्य के सभी 168 नगरीय निकायों को माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा दिये गये लक्ष्य से दो वर्ष पूर्व ही 2 अक्टूबर 2017 को खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा चुका है।
119. प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में प्रदेश में कुल 4 लाख शहरी गरीब परिवारों को पक्के आवास की सुविधा प्रदान किये जाने का लक्ष्य है, जिसमें 2 हजार 537 करोड़ की लागत से 59 हजार 286 आवास स्वीकृत एवं निर्माणाधीन है। योजना हेतु 234 करोड़ का प्रावधान किया गया है। लक्ष्य हासिल करने के लिये राज्यांश की शेष राशि 3 हजार 357 करोड़ की व्यवस्था ऑफ बजट माध्यम से चरणबद्ध रूप से की जायेगी।
120. ग्रामीण क्षेत्रों में सभी फीडरों के पृथक्कीकरण हेतु 10 करोड़ का प्रावधान है। एकीकृत विद्युत विकास योजना के तहत चार शहरों में भूमिगत केबल बिछाने हेतु 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। नेशनल स्मार्ट ग्रिड मिशन योजना के अंतर्गत स्मार्ट मीटरिंग स्थापित कर विद्युत हानि को कम करने हेतु 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
121. नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए 575 करोड़ का प्रावधान है जिससे सड़क सफाई, प्रकाश व्यवस्था जैसे मूलभूत कार्यो पर राशि व्यय की जाएगी। पेयजल आपूर्ति व्यवस्था हेतु बीरगांव एवं धमतरी नगर निगम, मुंगेली नगर पालिका एवं 30 नगर पंचायतों में पाईप लाईन विस्तार कार्य के लिए कुल 45 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
122. मिशन अमृत अंतर्गत प्रदेश के 9 बडे़ शहरों में 2200 करोड़ के निवेश से समस्त आवासों में पाईपलाईन द्वारा शुद्ध पेयजल प्रदाय किया जायेगा और 3 लाख से अधिक नवीन नल कनेक्शन प्रदान किये जायेंगे। रायपुर, बीरगांव तथा भिलाई चरौदा की जीवनदायिनी खारून नदी में मिलने वाले नालों के प्रदूषित जल उपचार हेतु 331 करोड़ की योजना स्वीकृत हुई है। अमृत मिशन अंतर्गत 231 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
123. स्मार्ट सिटी योजना में भारत सरकार द्वारा रायपुर, बिलासपुर एवं नया रायपुर स्मार्ट सिटी हेतु चयनित किये गये हैं। इन शहरों हेतु योजना में 418 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
124. नया रायपुर विकास प्राधिकरण के माध्यम से नया रायपुर क्षेत्र में अधोसंरचना, जन सुविधा विकास एवं अन्य निर्माण कार्योे के लिए 431 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
125. पीपीपी पद्धति पर रेल निर्माण हमारी सरकार का एक अभिनव प्रयास है। इसके अंतर्गत् 1300 किलोमीटर नई रेल लाईन आगामी 5 वर्षों में निर्मित करने का लक्ष्य है। खरसिया से धरमजयगढ़ एवं गेरवारोड से पेण्ड्रारोड का कार्य प्रचलित है। दल्ली राजहरा-रावघाट रेल लाईन भानुप्रतापपुर तक पहुंच चुकी है जिसे अब केवटी तक मार्च 2019 तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इनके अतिरिक्त हमने छत्तीसगढ़ रेल कार्पोरेशन लिमिटेड कम्पनी स्थापित कर 4 नई रेल लाईनों के निर्माण के लिये कार्यवाही प्रारम्भ की है। इन परियोजनाओं में कुल अनुमानित 26 हजार 370 करोड़ के पूंजी निवेश में से 800 करोड़ का निवेश इक्वीटी के रूप में शासन द्वारा किया जाना होगा। शेष पूंजी की व्यवस्था निजी इक्वीटी तथा ऋण के माध्यम से एसपीवी द्वारा की जायेगी।
126. रोड एवं रेल कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ टेलीकाम कनेक्टिविटी के विस्तार हेतु बड़े स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं। भारत नेट परियोजना अंतर्गत 1 हजार 624 करोड़ लागत से ऑप्टिकल फाईबर नेटवर्क निर्माण हेतु स्वीकृति प्राप्त हुई है जिससे 85 विकासखण्डों की 5 हजार 987 ग्राम पंचायतों को ब्राडबैण्ड कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। बस्तर-नेट परियोजना के अंतर्गत 65 करोड़ लागत से 836 किलोमीटर ऑप्टिकल फाईबर केबल बिछाने का कार्य प्रगतिरत है। कांकेर, कोण्डागांव एवं जगदलपुर को नेटवर्क से जोड़ दिया गया है। नक्सल प्रभावित जिलों में 1 हजार 820 करोड़ की लागत से 1 हजार 28 मोबाईल टावरों की स्थापना एल.डब्ल्यू. ई. फेस 2 अंतर्गत की जायेगी। 1 हजार करोड़ लागत से संचार क्रांति योजना (स्काई) के अंतर्गत राज्य के दूरस्थ अंचलों तक मोबाईल कनेक्टिविटी प्रदान कर ग्रामीण, शहरी बीपीएल एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को 50 लाख स्मार्ट फोन निःशुल्क वितरित करने जा रहे हैं। इस प्रकार 4 हजार 500 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के माध्यम से डार्क एरिया को इन्टरनेट एवं मोबाईल फोन कनेक्टिविटीयुक्त बनाया जायेगा।
127. राज्य की एम.एस.एम.ई. पर आधारित औद्योगिक नीतियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ मंे विगत् वर्षों में 14 हजार 976 सूक्ष्म, मध्यम एवं लघु उद्योगों की स्थापना हुई है जिसमें 3 हजार 771 करोड़ का पूंजी निवेश हुआ है। इनके माध्यम से 1 लाख 50 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है।
128. बस्तर क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिये विशेष प्रयास किये गये हैं जिसके फलस्वरूप क्षेत्र के लिये 24 हजार 826 करोड़ की परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। एन.एम.डी.सी. स्टील प्लांट तथा सेल की पैलेट प्लांट की परियोजनाएं शीघ्र प्रारंभ होने वाली है।
129. औद्योगिक अधोसंरचना का विकास हमारे प्रदेश में औद्योगिक प्रगति हेतु मूलभूत आवश्यकता है। इस बजट में 9 नये औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना हेतु 30 करोड़ का प्रावधान है जो खम्हरिया व परसिया (जिला मुंगेली), सियारपाली-महुवापाली (जिला रायगढ़), अभनपुर व बरतोरी-तिल्दा (जिला रायपुर), चिचपोल (जिला बलौदाबाजार भाटापारा), जी-जामगांव व भेन्ड्रा/ईरी (जिला धमतरी) तथा परसगढ़ी (जिला कोरिया) में स्थापित किये जायेंगे।
130. राजनांदगांव, उरला, अंजनी पेण्ड्रा, बोरई तथा हथखोज (भिलाई) के औद्योगिक क्षेत्रों में अधोसंरचनात्मक उन्नयन कार्य हेतु 7 करोड़ 44 लाख का प्रावधान है। संचालनालय उद्योग के अंतर्गत् संचालित सभी 26 औद्योगिक केन्द्रों के उन्नयन कार्यों के लिये 10 करोड़ का प्रावधान है।
131. उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिये इस बजट में उद्योगों को ब्याज अनुदान हेतु 38 करोड, औद्योगिक इकाईयों को लागत पूंजी अनुदान हेतु 105 करोड़, तथा स्टार्ट अप छत्तीसगढ़ योजना में 5 करोड़ का प्रावधान है।
132. खनन से प्रभावित क्षेत्र एवं वहां के रहवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाने हेतु केन्द्र सरकार के अधिसूचना जारी होने के पश्चात् जिला खनिज संस्थान न्यास डी.एम.एफ. का गठन करने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य है। नवम्बर 2017 तक डी.एम.एफ. मद में राशि 2 हजार 332 करोड़ प्राप्त हो चुकी है। इसके विरूद्ध 43 हजार से अधिक कार्यों को शामिल करते हुए 3 हजार 254 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की गई जिसमें से 2 हजार 565 करोड़ लागत राशि के 23 हजार 500 कार्यों की स्वीकृति जारी की गई। प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ संपूर्ण भारतवर्ष में प्रथम स्थान पर है। इस निधि में प्रति वर्ष 1200 करोड़ से अधिक का अंशदान प्राप्त हो रहा है। निधि का उपयोग पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, कौशल उन्नयन, शिक्षा, कृषि, स्वच्छता, महिलाओं, बच्चों एवं निःशक्तजनों के उत्थान के अलावा भौतिक अधोसंरचना, सड़क, रेल, विद्युतीकरण, सिंचाई एवं वाटरशेड डेवलपमेंट इत्यादि कार्यों में किया जा रहा है।
133. छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि का उपयोग खनिजों के अन्वेषण, खनिज विकास निगम की परियोजनाओं के अतिरिक्त राज्य में अधोसंरचना विकास किये जाने में उपयोग करने का निर्णय लिया गया। इस मद से सड़क मार्गों के विकास हेतु रूपये 600 करोड़, हवाई पट्टियों के लिए रूपये 103 करोड़ एवं रेल नेटवर्क के उन्नयन हेतु रूपये 275 करोड़ उपलब्ध कराए गए हैं। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि अंतर्गत कुल 414 करोड़ 38 लाख का प्रावधान किया गया है।
सुशासन से जनसेवा
134. प्रशासकीय तंत्र को लोक सेवायें प्रदाय करने हेतु त्वरित, सेवान्मुखी, पारदर्शी एवं निपुण बनाये रखना प्रत्येक सरकार की प्रारंभिक जिम्मेदारी है। माननीय् प्रधानमंत्री जी की सोच अनुसार समाज में अंतिम व्यक्ति तक लोक सेवायें उपलब्ध कराने तथा योजनाओं की परिकल्पना से लेकर उनके क्रियान्वयन का केंद्र बिंदु समाज के कमजोर एवं सभी वंचित वर्ग को रख कर ‘‘ईज ऑफ लिविंग‘‘ की तरफ अग्रसर होने के लिये सुशासन व्यवस्था हमारी सरकार ने बनायी है। संभवतः इन वर्गों के आशिर्वाद से ही हम यह कार्य आगे बढ़ाने में सफल हो रहे हैं।
135. औद्योगिक प्रोत्साहन और स्थानीय युवाओं को अवसर देने के मामले में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्यों की पंक्ति में शामिल है। इज ऑफ डूईंग बिजनेस में लगातार 2 वर्ष हम भारत में चौथे स्थान पर हैं।
136. ‘‘स्टेटस् ऑफ ग्रोथ’’ क्रिसिल रिपोर्ट वर्ष 2017 में ग्रास वेल्यू एडेड के मापदण्ड पर मेन्युफेक्चरिंग, लेबर इन्टेन्सिव सेक्टर, ट्रेड, ट्रांसपोर्ट एवं यूटिलिटी सर्विस में छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य आंका गया है।
137. राज्य में फैले हुए सामान्य सेवा केन्द्रों द्वारा लगभग 65 लाख से अधिक लोगों का आधार पंजीयन, 15 लाख से अधिक नागरिकों का रंगीन मतदाता पहचान-पत्र, लगभग 7 लाख लोगों का आधार कार्ड प्रिंट, 36 लाख से अधिक बिजली बिलों का भुगतान तथा राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत 9 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षण का कार्य किया गया है। 1350 लोक सेवा एजेन्टों को ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग कार्य के लिए बैंक प्रतिनिधि बनाकर 8.5 लाख से अधिक बैंक खाते खोले गये व 13 लाख मजदूरांे का श्रम पंजीयन किया गया है।
138. कोटवारों को प्रदाय मानदेय को डेढ़ गुना करने एवं पटेलों को दी जाने वाली मानदेय राशि को 1 हजार से बढ़ाकर 2 हजार करने का निर्णय लिया गया है। इस हेतु 19 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान बजट में किया गया है।
139. राजस्व नक्शों संबंधी कार्यों में होने वाली परेशानी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के राजस्व नक्शों के जियो रिफ्रेंसिंग करने हेतु 74 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।
140. प्रदेश में गौण खनिजों से प्राप्त राजस्व को पंचायतों एवं नगरीय निकायों को खनन संक्रियाओं से प्रभावित क्षेत्रों के विकास हेतु प्रदाय जा रहा है। वर्ष 2018-19 में 199 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है।
141. ग्राम पंचायतों में सचिविय व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु 15 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले पंचायत सचिवों को उच्चतर वेतनमान 5200-20200 ग्रेड पे 2400 दिया जायेगा। 15 वर्ष से कम सेवा अवधि वाले पंचायत सचिवों को वर्तमान वेतनमान के साथ प्रतिमाह 1 हजार 500 की दर से विशेष भत्ता दिया जायेगा। इससे 10 हजार 971 पंचायत सचिव लाभान्वित होंगे।
142. मानव-हाथी द्वंद को कम करने तथा जानमाल एवं संपत्ति की हानि को नियंत्रित करने हेतु 28 चलित हाथी दस्तों के गठन हेतु 5.20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वनों की कार्य योजना तैयार करने हेतु विशेषज्ञ सेवायें उपलब्ध कराने के लिए 1.56 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।
143. नक्सलवाद के साथ युद्ध अब अपने अंतिम चरण में है। हमें विश्वास है कि जल्दी ही इस समस्या को हम जड़ से समाप्त कर देंगे। मैं उन सभी जांबाज सुरक्षाकर्मियों को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजली देना चाहूंगा जिन्होंने इस युद्ध में बलिदान दिया है।
144. प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 2018-19 के बजट में 4 हजार 309 करोड़ 70 लाख का प्रावधान रखा गया है।
145. राज्य में अत्यंत नक्सल प्रभावित 8 जिलों को अधोसंरचनात्मक विकास के लिए 230 करोड़ का प्रावधान है। यह विशेष योजना केन्द्र सरकार द्वारा हमारे अनुरोध पर स्वीकृत की गई है जिसके लिये मैं माननीय् प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद देना चाहूंगा।
146. इस वर्ष 3 नवीन थाने खम्हारडीह जिला रायपुर, सरगांव जिला मुंगेली एवं केरलापाल जिला सुकमा में स्थापित किये जायेंगे। 6 नवीन चौकीयों की स्थापना सेरीखेड़ी एवं डुमरतराई जिला रायपुर, पाटनखास जिला राजनांदगांव, चारभाठा जिला कबीरधाम, केन्दा जिला बिलासपुर तथा रघुनाथपुर जिला सरगुजा में की जायेगी। 3 चौकीयों, गिधपुरी तथा भठगांव जिला बलौदाबाजार एवं बैशाली नगर जिला दुर्ग का थानों में उन्न्यन किया जाएगा। यातायात व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के दृष्टिगत जिला महासमुंद एवं जांजगीर-चांपा सहित अन्य 5 जिलों के लिए यातायात थाने के लिए 225 पदों का सृजन किया जाएगा।
147. महिला अपराध के प्रकरण में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु 6 जिलों में महिला अपराध अनुसंधान इकाई की स्थापना की जाएगी।
148. गैर कानूनी चिटफंड एवं वित्तीय कंपनियों के नियंत्रण के लिए पुलिस विभाग के अधीन एक प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा।
149. प्रदेश के सभी थानों को ऑनलाईन जोड़ने के साथ-साथ पुलिस के क्रियाकलाप में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से शेष 232 थानों में सी.सी.टी.वी. कैमरे की स्थापना की जा रही है।
150. आंतरिक सुरक्षा संबंधी गतिविधियों को प्रभावशाली बनाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के साथ समन्वय किए जाने हेतु राज्य में विशेष ऑपरेशन ग्रुप का गठन किया जाएगा।
151. राज्य में अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन हेतु 17 जिलों में सी एवं डी श्रेणी के फायर स्टेशन की स्थापना की जाएगी।
152. प्रदेश के जेलों के लिए 30 बैरक निर्माण एवं समस्त जेेलों में आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा हेतु सी.सी.टी.वी. कैमरे की स्थापना के लिए 23 करोड़ 30 लाख का प्रावधान है।
वर्ष 2017-18 का पुनरीक्षित अनुमान
153. अध्यक्ष महोदय, अब मैं वर्ष 2017-18 का पुनरीक्षित बजट अनुमान सदन के समक्ष प्रस्तुत करता हूँ:-
(1) राजस्व प्राप्ति के बजट अनुमान 66 हजार 94 करोड़ की तुलना में पुनरीक्षित अनुमान 68 हजार 580 करोड़ है। व्यय का बजट अनुमान 76 हजार 32 करोड़ से बढ़कर पुनरीक्षित अनुमान 78 हजार 623 करोड़ है।
(2) राजस्व आधिक्य का पुनरीक्षित अनुमान 3 हजार 188 करोड़ है।
(3) बजट में सकल वित्तीय घाटा 9 हजार 647 करोड़ अनुमानित था। पुनरीक्षित अनुमान में यह बढ़कर 9 हजार 738 करोड़ होगा, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 2.89 प्रतिशत है तथा निर्धारित सीमा के अंदर है।
वर्ष 2018-19 का बजट अनुमान
154. अध्यक्ष महोदय, अब मैं वर्ष 2018-19 के लिए बजट अनुमान प्रस्तुत करता हूँ:-
(1) वर्ष 2018-19 हेतु कुल राजस्व प्राप्तियाँ 72 हजार 868 करोड़ अनुमानित है, जिसमें केन्द्रीय योजनाओं के अंतर्गत राज्य को प्राप्त होने वाली सहायता राशि 15 हजार 713 करोड़ शामिल है। राज्य का स्वयं का राजस्व 34 हजार 200 करोड़ है, जो कि गत वर्ष की तुलना में 9.88 प्रतिशत अधिक है।
(2) वर्ष 2018-19 के लिए अनुमानित सकल व्यय 87 हजार 463 करोड़ है। सकल व्यय से ऋणों की अदायगी तथा पुनर्प्राप्तियों को घटाने पर शुद्ध व्यय 83 हजार 179 करोड़ अनुमानित है। राजस्व व्यय 68 हजार 423 करोड़ तथा पूंजीगत व्यय 14 हजार 454 करोड़ है। वर्ष 2018-19 में पंूजीगत व्यय कुल व्यय का 17.4 प्रतिशत है।
(3) विकासात्मक व्यय में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 34 प्रतिशत, अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 12 प्रतिशत का प्रावधान किया गया है।
(4) वर्ष 2018-19 के बजट में सामाजिक क्षेत्र के लिए 39 प्रतिशत, आर्थिक क्षेत्र के लिए 40 प्रतिशत एवं सामान्य सेवा क्षेत्र के लिए 21 प्रतिशत का प्रावधान किया गया है।
राजकोषीय स्थिति
155. अध्यक्ष महोदय, कुशल वित्तीय प्रबंधन के जरिये राज्य के स्वयं के राजस्व में निरंतर वृद्धि के फलस्वरूप इस बजट में पूर्व वर्षों की भांति 4 हजार 445 करोड़ का राजस्व आधिक्य अनुमानित किया गया है।
(1) राज्य का सकल वित्तीय घाटा 9 हजार 997 करोड़ अनुमानित है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 2.96 प्रतिशत एवं निर्धारित सीमा के अंदर है।
(2) वर्ष 2018-19 हेतु कुल प्राप्तियांे 83 हजार 96 करोड़ के विरुद्ध शुद्ध व्यय 83 हजार 179 करोड़ अनुमानित है। इन वित्तीय संव्यवहारों के फलस्वरूप 83 करोड़ का शुद्ध घाटा अनुमानित है। वर्ष 2017-18 के संभावित आधिक्य 243 करोड़ को शामिल करते हुए वर्ष 2018-19 का कुल बजटीय आधिक्य 160 करोड़ है।
कर प्रस्ताव
156. अध्यक्ष महोदय, 2018-19 के लिए कोई नया कर प्रस्ताव नहीं है।
157. इसमें कोई दो राय नहीं कि विगत 14 वर्षों में छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने में अनेक बाधाएं आड़े आयी थी और कई चुनौतियां आज भी हैं। निश्चित तौर पर हमें अपने संसाधनों की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए युक्तियुक्त प्रावधान करते हुए कुशल वित्तीय प्रबंधन से निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करना पड़ता है, लेकिन हमें चैन से बैठने की जगह राज्य के विकास के लिये हर चुनौती का सामना करना मंजूर है।

‘‘साहिल के सुकूं से किसे है इंकार लेकिन
तूफान से लड़ने में मजा कुछ और ही है‘‘

158. मैं वर्ष 2018-19 का वार्षिक वित्तीय विवरण तथा अनुदान की मांगें सदन के समक्ष प्रस्तुत करता हूँ।