प्राचार्यों के पदों पर सीधी भर्ती : — उच्च शिक्षा मंत्री श्री पवैया

भोपाल :(महेश दुबे)———-प्रदेश के महाविद्यालयों में रिक्त प्राचार्यों के पदों पर सीधी भर्ती से नियुक्ति की जायेगी। सीधी भर्ती करने का निर्णय विभाग द्वारा लिया जा रहा है।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने आज बरकतउल्लाह विश्व विद्यालय में आयोजित नव-निर्वाचित छात्रसंघ पदाधिकारियों के सम्मेलन यह जानकारी दी।

मंत्री श्री पवैया ने कहा कि महाविद्यालयों में प्राचार्यों के पद रिक्त हैं। इन्हें लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने का निर्णय उच्च शिक्षा विभाग ले रहा है। प्रक्रिया बहुत जल्दी शुरू होगी।

महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों के पदों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले सत्र में 2,950 सहायक प्राध्यापकों को चयनित कर महाविद्यालय में पदस्थ कर दिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। सेमेस्टर पद्धति को खत्म करने और छात्रसंघ के चुनाव कराने आदि के निर्णय का उन्होंने जिक्र भी किया।

मंत्री श्री पवैया ने छात्रसंघ पदाधिकारियों को महाविद्यालय में वाद-विवाद प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, लेखन प्रतियोगिता आदि रचनात्मक कार्यक्रमों को नियमित तौर पर आयोजित करने को कहा।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में महाविद्यालय के छात्र कल्याण के नोडल प्रोफेसर को निर्देशित किया जायेगा कि वे छात्रसंघ पदाधिकारियों से समन्वय कर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करायें।

उन्होंने महाविद्यालय परिसरों को साफ और स्वच्छ रखने के साथ अकादमिक वातावरण निर्माण में छात्रसंघ पदाधिकारियों से सहायोग का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों से मिलकर व्यक्तित्व का निर्माण होता है।

नकारात्मक प्रवृत्ति को रोकने और सकारात्मक वातावरण को बनाने की बहुत जरूरत है। समाज और देश के लिये रचनात्मक योगदान देने में महाविद्यालय के छात्र और छात्रसंघ महत्वपूर्ण भूमिका निभायें ।

मंत्री श्री पवैया ने कहा कि कॅरियर महत्वपूर्ण है, परंतु कॅरियर ही जीवन है, ऐसा नहीं है। जीवन का एक हिस्सा है। उन्होंने छात्रों से कहा कि रचनात्मक और सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ें।

किताबों को पढ़ने के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों से समग्र व्यक्तित्व का निर्माण होता है। सम्मेलन को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने भी सम्मेलन में सुझाव रखे।