प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 114वीं जयंती

ईमानदारी और खुद्दारी के मिसाल हैं.
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– बनारस के हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की पढ़ाई के दौरान उन्होंने साइंस प्रैक्टिकल में इस्तेमाल होने वाले बीकर को तोड़ दिया था.

स्कूल के चपरासी देवीलाल ने उनको देख लिया और उन्‍हें जोरदार थप्पड़ मार दिया.

रेल मंत्री बनने के बाद 1954 में एक कार्यक्रम में भाग लेने आए शास्त्री जी मंच पर देवीलाल को बुलाकर गले लगा लिया.

–लाल बहादुर शास्‍त्री, बापू को अपना आदर्श मानते थे. उन्‍हें खादी से इतना लगाव था कि अपनी शादी में दहेज के तौर पर उन्‍होंने खादी के कपड़े और चरखा लिया था.

-लाल बहादुर शास्‍त्री प्रधानमंत्री बनने से पहले विदेश मंत्री, गृह मंत्री और रेल मंत्री जैसे अहम पदों पर थे.