पेयजल टैंकों की साल में दो बार सफाई

शिमला ————- मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर ने स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत प्रदेश भर में चलाए जाने वाले पेयजल जलाश्य सफाई अभियान का शिमला के उप-नगर संजौली से शुभारम्भ किया।
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उन्होंने कहा कि 90 लाख लीटर पानी की क्षमता वाला संजौली का जल भंडारण टैंक राज्य का सबसे बड़ा टैंक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल को स्वच्छ व सुरक्षित रखने के लिए इस प्रकार के स्वच्छता अभियान आवश्यक हैं। अधिकांश जल जनित बीमारियां जलाश्यों/टैंकों की सफाई के प्रति उदासीनता के कारण होती हैं, क्योंकि निर्माण के उपरान्त इन टैंकों की लम्बे समय तक देखभाल नहीं की जाती।

श्री ठाकुर ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को राज्य भर में पेयजल टैंकों की नियमित सफाई सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए और कहा कि यह हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सफाई का यह कार्य केवल एक बार नहीं अपितु संबंधित विभाग को यह सुनिश्चित बनाना चाहिए कि जल भण्डारण टैंकों का उपयुक्त रख-रखाव किया जा रहा है और इस प्रकार का अभियान वर्ष में दो बार चलाया जाना चाहिए।

पारम्परिक जल स्त्रोतों की भी नियमित सफाई की आवश्यकता है। यह भी सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए कि जल स्त्रोतों के उपयुक्त रख-रखाव तथा इनकी नियमित सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए।

श्री जय राम ठाकुर ने कहा कि आईजीएमसी के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की टैक्सियों का किराया 20 रुपये के बजाए अब 10 रुपये होगा और वरिष्ठ नागरिक के लिए भी इतना ही किराया होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को भारी यातायात से होने वाली आसुविधा से निज़ात पाने के लिए अमरुत मिशन के अन्तर्गत संजौली में ओबरब्रिज के निर्माण के प्रयास किए जाएंगे।

सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री श्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए हर संभव करेगी।

उन्होंने कहा कि जल जनित रोगों से निदान के लिए अभी से कड़े कदम उठाए जाएंगे और लोगों के सहयोग से इसे हासिल किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अभियान 15 दिनों तक चलेगा और प्रदेश भर में सफलतापूर्वक इसका कार्यान्वयन सुनिश्चित बनाया जाएगा। इस दिशा में किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार की कोताही के प्रति सख्ती से निपटा जाएगा।

शिक्षा मंत्री श्री सुरेश भारद्धाज ने कहा कि शिमला के एक जल टैंक में कुछ समय पूर्व एक छोटे लड़के के मृत पाये जाने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन अब सरकार सुनिश्चित बनाएगी कि इस प्रकार की कोई घटना न हो और जलाश्यों की सफाई के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाएंगे।

नगर निगम शिमला की महापौर श्रीमती कुसुम सदरेट, उप-महापौर श्री राकेश कुमार शर्मा, पार्षदगण, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अभियन्ता श्री अनिल बाहरी, नगर निगम के आयुक्त श्री जी.सी. नेगी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।