पूरे सिस्टम कटघरे में–मुद्रा लोन बैंकों के मकडजाल में

देश की ताकतवर सत्ता और जन-प्रतिनिधियों के अधीन प्रशासनिक ब्यवस्था पर एक ख़ास रिपोर्ट।

********** (ताकतवर प्रधानमंत्री के दुर्बल युवा)*********

एक ऐसा सवाल जो पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा करती है।

गौंडा –(प्रदीप शुक्ला)———पंक्ति में खड़े आखिरी व्यक्ति तक योजनाओं को पहुंचाने की कवायद और सरकारी तन्त्र की उदासीनता के जीवन्त सत्य से मुलाक़ात और बातचीत से पता चला की एक युवा जिसने प्रधान मंत्री आवास योजना सहित गरीबी उन्मूलन के लिए चलाई गयीं योजनाओं का लाभ लेने के लिए जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमन्त्री एवं प्रधानमन्त्री को पत्र भेज कर पात्रता, सुनिश्चित करने की गुहार तो लगाई, मगर आज तक न पात्रता सुनिश्चित हुई और न ही,किसी योजना का लाभ मिल पाया।

बताते चलें की, युवा के नाम कोई चल अचल संपत्ति नही है , खेत,घर,गाड़ी,बिजली,गैस नौकरी,व्यवसाय,ठेका,पट्टा नही है पैतृक संपत्ति भी शून्य के बराबर का आश्रय प्राप्त है।

जीवन यापन के लिए व्यवसाय करने के उद्देश्य से

प्रधानमन्त्री मुद्रा लोन योजना के माध्यम से ऋण के लिए कई बैंक शाखाओं से बात की लेकिन कोई बैक ग्राउंड अथवा प्रॉपर्टी न होने की वजह से बैंको का भरोसा नही जीत सका।

बातचीत के दौरान उन्होंने बताया की मुफलिसी के चलते जीवन के सफर का कोई हमराह भी नही बना इसलिए बुढ़ापे की चिंताओं से आखों में आंसू छलक आये, होली के बाद अब परदेश जाने का मन बना रहे हैं।

वोट किसको देंगे !!

जब ये सवाल किया गया तो थरथराती आवाज में कहा की मुझे कुछ मिले न मिले देश को एक अच्छा प्रधानमन्त्री मिलना चाहिए इसलिए मेरा वोट सीधा मोदी जाएगा।

दास्ताँ सुन कर उनकी आवाज दुनिया को सुनाने की ठानी लेकिन उन्होंने शर्त रख दी,
हाथ जोड़ कर निवेदन किया कहा की मेरे रिश्तेदार नात बांत में बड़ी बदनामी होगी मेरी वजह से उन्हें भी शर्मिंदा होना पड़ सकता है इसलिए नाम पब्लिश न करें कोई जानना चाहे तो आप उसे व्यक्तिगत रूप से अवगत करा दें।

गौंडा (उत्तरप्रदेश)
-8948110800