पी0एम0सी0एच0 परिसर में 200 करोड़ रुपये की लागत से सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का शिलान्यास

पटना———-:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे0पी0 नड्डा की उपस्थिति में रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट का अनावरण कर प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत 200 करोड़ रुपये की लागत से पी0एम0सी0एच0 में निर्मित होने वाले सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का शिलान्यास किया।

इस सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में 8 सुपर स्पेशियलिटी विधाओं वाली सुविधाएं उपलब्ध हांेगी। केंद्र प्रायोजित योजना के तहत निर्मित होने वाली इस सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के निर्माण में आने वाली लागत राशि का 60 प्रतिशत केंद्र सरकार जबकि 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। इसका निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य जुलाई 2020 निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पी0एम0सी0एच0 में सुपर स्पेशियलिटी ब्लाॅक की आधारशिला रखी गयी है। उन्होंने कहा कि पी0एम0सी0एच0 देश के सबसे पुराने मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में से एक है, जिसका गौरवशाली इतिहास रहा है। पहले यहाँ इलाज कराने के लिये बाहर से लोग आते थे लेकिन बीच के दिनों में वह डिटोरीयेट कर गया, जिसे पुनः आगे बढ़ाने के लिए हमलोग तेजी से एक-एक काम को कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी 5000 बेड का अस्पताल नहीं है। हमारी इच्छा थी कि पी0एम0सी0एच0 5400 बेड का अस्पताल बने, जिसके लिए 5500 करोड़ रूपये की योजना की हमलोगों ने स्वीकृति दे दी है। उ

न्होंने कहा कि बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग देश के छह पुराने इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक है। हमारे आग्रह पर उसे केंद्र सरकार ने एन0आई0टी0 में अपग्रेड किया। हम जब वहां पढ़ते थे तो विद्यार्थियों की संख्या 120 हुआ करती थी लेकिन आज वहां विद्यार्थियों की संख्या 2000 से भी ज्यादा हो गयी है और वहां 4000 से ज्यादा विद्यार्थी आगे आने वाले समय में पढ़ेंगे।

उन्होंने कहा कि इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान बंद होने के कगार पर था लेकिन हमलोगों की सरकार बनने के बाद उसके लिए इतना काम किया गया कि लोगों का पुनः आई0जी0आई0एम0एस0 के प्रति विश्वास बढ़ा है। आज वहां इलाज के लिये जाने वाले लोगों की तादाद काफी बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि हम जब सांसद थे, तब एम्स में बड़ी संख्या में बिहार से लोग इलाज कराने जाने दिल्ली जाया करते थे। अब पटना में ही एम्स बन गया है। उन्होंने कहा कि पी0एम0सी0एच0 से चिकित्सक बनने वाले आज अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशों में अपनी सेवायें दे रहे हैं। पी0एम0सी0एच0 को लेकर हमलोगों के मन में यह मौलिक भावना है कि यह विश्व स्तर का बने, इसके लिए निर्णय ले लिया गया है और इसकी डिजाइन भी बन गयी है, इसका काम तीन चरणों में पूरा होगा।

उन्होंने कहा कि अगले 5 साल के अंदर हम पी0एम0सी0एच0 के स्वरूप और यहाँ की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से बदल देंगे। पी0एम0सी0एच0 तक सुगमता से लोग पहुँच सकें, इसके लिए इसे एक तरफ गंगा पाथ-वे से लिंक किया जाएगा तो वहीं दूसरी तरफ गाँधी मैदान से इसे एलिवेटेड रोड से जोड़ा जाएगा। यहाँ चिकित्सक, पारा मेडिकल स्टाफ, नर्सेज के आवासन के लिए भी भवन बनेगा। यह अस्पताल जब सुपर स्पेशियलिटी बन जाएगा, तब लोगों को इसका एहसास होगा।

उन्होंने कहा कि हम जहाँ भी जाते हैं, सहरसा, भागलपुर, पुर्णिया, किशनगंज या मुंगेर वहां के लोग एम्स बनाने की मांग करते हैं लेकिन बिहार में इतना काम हो रहा है कि जमीन को लेकर समस्या उत्पन्न हो जाती है। मेरा तो यही सुझाव है कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को ही अडॉप्ट करके एम्स के रूप में अपग्रेड करने की दिशा में पाॅलिसी के लेवल पर निर्णय लीजिये।

दरभंगा मेडिकल कॉलेज के वर्तमान चिकित्सकों एवं कर्मचारियों में से आप जरूरत के मुताबिक जिनको चाहें अडॉप्ट कर सकते हैं। बाकी लोगों को हम अन्य जगहों पर एडजस्ट कर देंगे। एडोप्ट करने से पेंशन देने की समस्या अगर खड़ी होगी तो उसका प्रबंध राज्य सरकार करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पूरी गंभीरता के साथ मेडिकल एजुकेशन की दिशा में काम हो रहा है। 24 नवम्बर 2005 को जब हमने काम संभाला था तो उसके बाद फरवरी 2006 में आंकलन कराया तो पता चला कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिमाह औसतन 39 मरीज इलाज कराने पहुँचते थे।

डॉक्टर, पारा मेडिकल स्टाफ और सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों के लिये निःशुल्क दवा वितरण की व्यवस्था की गयी। उसके चार-पांच महीने बाद दोबारा आंकलन कराया तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ और आज औसतन प्रतिमाह प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने आने वाले मरीजों की संख्या दस हजार से भी ज्यादा हो गयी है।

उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत जबर्दस्त स्कीम है, जिसके माध्यम से गरीब आदमी भी साल में पांच लाख रूपये तक का इलाज करा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक गरीबों का सबसे ज्यादा पैसा उनके इलाज में खर्च होता है। ऐसे में चिकित्सा के लिए गरीबों को पांच लाख रूपये की मदद एक साल के अंदर केंद्र सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से दी जा रही है, यह कोई मामूली बात नहीं है। यह अपने आप में एक बड़ी योजना है, मैं इसके लिए प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को विशेष तौर पर बधाई देता हूँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पी0एम0सी0एच0 में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में 8 प्रकार की बीमारियों को विशिष्ट रूप से इलाज होगा। हमारा संकल्प है इसे विश्वस्तरीय बनाने का। हमलोगों का सपना है कि दिल्ली एम्स की तरह ही बिहार के साथ-साथ दूसरे जगह के लोगों का भरोसा भी इसके प्रति बने और पूरे विश्वास के साथ लोग यहाँ इलाज कराने आयें।

उन्होंने कहा कि इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान और नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को भी हमलोग 2500 बेड वाले अस्पताल के रूप में अपग्रेड करेंगे। स्वास्थ्य सेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। वर्ष 2019-20 में बिहार के बजट में हमलोगों ने स्वास्थ्य विभाग के लिए 10,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था की है, इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार का भी सहयोग मिलता रहा है।

शिलान्यास समारोह में शामिल पी0एम0सी0एच0 के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी इच्छा है कि पांच साल के अंदर यहाँ 5400 बेड वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का काम पूरा हो जाए। आपका पूरा सहयोग और समर्थन रहेगा तो निश्चित ही यह काम पांच साल के अंदर पूरा होगा।

समारोह को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे0पी0 नड्डा, केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद, उप मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री अश्विनी चैबे, स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय, सांसद श्री सी0पी0 ठाकुर, विधायक श्री अरुण कुमार सिन्हा, विधायक श्री नितिन नवीन, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव श्री संजय कुमार एवं स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री सुनील शर्मा ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर पी0एम0सी0एच0 के प्राचार्य डॉ0 रामजी प्रसाद सिंह, पी0एम0सी0एच0 के अधीक्षक डॉ0 राजीव रंजन प्रसाद, केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे0पी0 नड्डा की धर्मपत्नी श्रीमती मल्लिका नड्डा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, पी0एम0सी0एच0 के प्राध्यापकगण, चिकित्सकगण, विद्यार्थीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।