पांच दिवसीय राज्योत्सव –गुजरात का थीम आकर्षण का केंन्द्र

रायपुर, 02 नवम्बर 2017—————-नया रायपुर में चल रहे पांच दिवसीय राज्योत्सव में गुजरात का मंडप वहां की समृद्ध लोक कला-लोक संस्कृति और वेश-भूषा की प्रदर्शनी आम लोगों को आकर्षित कर रही है।
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एक भारत-श्रेष्ठ भारत योजना के तहत इस बार राज्योत्सव में गुजरात का मंडप लगा है। गुजरात टूरिज्म बोर्ड के इस मंडप को पारम्परिक गुजराती थीम पर आकर्षक ढंग से सजाया गया है।

गुजरात के मंडप के प्रवेश द्वार पर शहनाई-ढोल, सिद्धी धमाल और कच्छी घोड़ी के नृत्य से आंगतुकों का स्वागत हो रहा है। मंडप के अंदर डांडिया रास, गरबा, गुड़ो एवं छड़ो नृत्य के कलाकारों की मनमोहन प्रस्तुति देखने को मिलती है।

गुजरात के गांवों में घर के अंदर आंगन में चबूतरे तथा तुलसी कुंडा के चारों ओर गरबा नृत्य करने की कला का भी यहां जीवन प्रदर्शन हो रहा है। गुजरात के भुज इलाके में कच्छ भुजी ‘रावन हत्था’ लोक वाद्य यंत्र की मधुर धुन सुनाई पड़ती है।

मंडप के अंदर बने छोटे-छोटे स्टॉलों में लेकर वर्क, टांगलिया वर्ग, एम्ब्रायडरी वर्क, वूलन वर्क, कलमकारी माता की पछड़ी, खरक कारपेंट बुनाई, जरी वर्क, हैंडप्रिंटेड, टेक्सटाइल वर्क, माशरू बुनाई, पेंच वर्क, पटोला बुनाई की हुई गुजराती वेशभूषा की प्रदर्शनी लगाई गई है।