नीति आयोग — ‘एक्शन प्लान फाॅर उत्तर प्रदेश—सचिव समूहों का गठन–मुख्यमंत्री योगी

सूचनायल लखनऊ — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि ‘एक्शन प्लान फाॅर उत्तर प्रदेश’ को पूरी तत्परता एवं प्रतिबद्धता के साथ लागू किया जाएगा। प्रदेश में
दूसरी बार नीति आयोग के दल द्वारा भ्रमण को उत्साहजनक बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘एक्शन प्लान फाॅर उत्तर प्रदेश’ को समयबद्ध ढंग से लागू करने के लिए स्वास्थ्य, पोषण, ग्रामीण विकास एवं पेयजल, स्वच्छता, उद्योग, शिक्षा, कृषि, सिंचाई एवं जल संसाधन के लिए सचिव समूहों का गठन किया गया था।
Yoginath-Aditya
राज्य के शहरी क्षेत्र के समग्र एवं तीव्र विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा शहरी मुद्दों पर भी समूह का गठन किया गया था। इस प्रकार09 सचिव समूहों द्वारा तैयार एक्शन प्लान पर कार्य शुरू कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री जी आज यहां शास्त्री भवन में नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव कुमार के साथ आयोजित एक बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। भारत के विकास में उत्तर प्रदेश के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत के विकास का रास्ता उत्तर प्रदेश से ही होकर जाता है।

उन्होंने इस बात पर खुशी जतायी कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्रशासनिक एवं निर्णयात्मक जड़ता को समाप्त कर कार्यक्रमों एवं परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है। किसानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने एवं उनकी उपज का लाभकारी मूल्य
दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं।

योगी जी ने कहा कि प्रदेश के गन्ना किसानों के कई पेराई सत्रों के लम्बित भुगतान को दिलाने के साथ-साथ आपदा से त्रस्त किसानों तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाने के लिए काफी कार्य किया गया है। उन्होंने फसली ऋण मोचन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। किसानों को नवीन तकनीक की जानकारी देने के लिए काॅल सेण्टर की स्थापना के साथ-साथ उन्हें खाद्य प्रसंस्करण एवं
अन्य मूल्य संवर्द्धन कार्य-कलापों से जोड़ा जा रहा है।

सिंचाई परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि संचालित परियोजनाओं को एक मुश्त आवश्यक धनराशि उपलब्ध करायी जाए, जिससे परियोजना को यथाशीघ्र पूरा कराकर उनका लाभ किसानों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र की एक सिंचाई परियोजना मात्र 64 करोड़ रुपए की कमी के चलते काफी दिनों से लम्बित थी।

आवश्यक धनराशि तत्काल उपलब्ध कराते हुए इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कहा गया है। इसी प्रकार सरयू परियोजना को शीघ्र पूरा कराने के लिए 01 हजार करोड़ रुपए का प्राविधान किया गया है। उन्होंने कहा कि मार्च, 2018 तक 60,000 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विद्युत आपूर्ति में भेदभाव को समाप्त कर पूरे प्रदेश के लिए एक समान व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत जनपद मुख्यालयों को 24 घण्टे, तहसील मुख्यालयों को 20 व ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घण्टे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इसी प्रकार क्षतिग्रस्त ट्रांसफाॅर्मर बदलने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घण्टे तथा शहरी क्षेत्रों में 24 घण्टे का समय निर्धारित किया गया है।

राज्य में उद्योगों की स्थापना एवं पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति लागू की गई है। इसके साथ ही, औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण केलिए ‘ईज़ आॅफ डुइंग बिजनेस’ परियोजना के तहत अधिकांश कार्रवाई पूर्ण कर ली गई है, जिससे निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाने में मदद मिलेगी।

योगी जी ने कहा कि पूर्वान्चल एवं बुन्देलखण्ड जैसे क्षेत्रों को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे के लिए आवश्यक 80 प्रतिशत से अधिक भूमि का अधिग्रहण हो चुका है।

इस सम्बन्ध में निर्देशित किया गया है कि इस माह तक 10 फीसदी अतिरिक्त भूमि की व्यवस्था कर इस परियोजना पर कार्य शुरू किया जाए। शासकीय विभागों में भाई-भतीजावाद एवं भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए ई-टेण्डरिंग की व्यवस्था लागू की गई है।

आगरा, मेरठ तथा गोरखपुर में साॅफ्टवेयर टेक्नोलाॅजी पार्क स्थापित किए जाएंगे। मथुरा में इन्क्यूबेटर की स्थापना की जा रही है। राजकीय विभागों में सामग्री एवं सेवाओं के क्रय के लिए भारत सरकार द्वारा विकसित गवर्नमेण्ट ई-मार्केट प्लेस (जेम) को अंगीकृत किया गया है। उत्तर प्रदेश सचिवालय के 22 विभागों को ई-आॅफिस योजना से जोड़ा गया है। शेष विभागों में यह व्यवस्था दिसम्बर, 2017 तक लागू कर दी जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोरखपुर में एम्स की स्थापना के साथ ही प्रदेश में 05 नये मेडिकल काॅलेजों की स्थापना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, इसके अलावा, 05 अन्य मेडिकल काॅलेजों के लिए प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ 1,000 जन औषधि केन्द्रों की स्थापना का कार्य भी तेजी से चल रहा है। दिसम्बर, 2017 तक 500 से अधिक जन औषधि केन्द्र कार्य करना शुरू कर देंगे। शेष को जनवरी, 2018 तक स्थापित कर दिया जाएगा।

चिकित्सकों की उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से चिकित्सकों की सेवा निवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष की गई है। चिकित्सकों के रिक्त पदों पर भर्ती की कार्रवाई भी प्रारम्भ कर दी गई है।

मिशन इन्द्रधनुष के अंतर्गत 37 जनपदों के टीकाकरण से छूटे लगभग 26 लाख बच्चों का टीकाकरण कराया गया। ए0ई0एस0 एवं जे0ई0 से प्रभावित जनपदों में विशेष कैम्प लगाकर 92 लाख बच्चांे को प्रतिरोधक टीकाकरण कराया गया है।

अत्याधुनिक एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस की सेवाएं लोगों को मिलने लगी हैं। कुपोषण की समस्या के निदान के लिए 39 जनपदों में ‘शबरी संकल्प योजना’ लागू की गई है। राज्य की शिक्षा व्यवस्था की चर्चा करते हुए योगी जी ने बताया कि इस वर्ष परिषदीय विद्यालयों में 01 करोड़ 53 लाख बच्चों को प्रवेश दिलाया गया है। शासकीय एवं राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, यूनीफाॅर्म, बैग, जूता-मोजा प्रदान किया जा रहा है।

इस वर्ष उन्हें स्वेटर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त
की कि जहां बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है, वहीं इन विद्यालयों की गुणवत्ता में भी सुधार आया है। अगले सत्र से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा में एन0सी0ई0आर0टी0 का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।

सभी वर्ग की छात्राओं के लिए ग्रेजुएशन स्तर तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए ‘अहिल्याबाई निःशुल्क शिक्षा योजना’ लागू की जा रही है। कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री जी ने नीति आयोग के दल को अवगत कराया कि युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिलाने के लिए कौशल विकास मिशन योजना को संचालित किया जा रहा है। इस वर्ष लगभग 03 लाख युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार से जोड़ने का कार्य चल रहा है। 05 वर्षों में 20 लाख नौजवानों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है।

स्वच्छता मिशन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दिसम्बर, 2017 तक 30 जनपदों को ओ0डी0एफ0 घोषित कराने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। गंगा जी के किनारे स्थित 1605 ग्रामों को खुले में शौच से मुक्त कराया जा चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 38 लाख व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण हो चुका है, जिनमें करीब 70 प्रतिशत शौचालयों के फोटोग्राफ की जियो टैगिंग भी हो चुकी है।

प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक लगभग 08 लाख आवास स्वीकृत कर लाभार्थियों के खाते में सीधे 03 हजार करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि भेजी गई है। योगी जी ने बताया कि उत्तर प्रदेश नागर विमानन प्रोत्साहन नीति-2017 को लागू कर दिया गया है।

रीजनल कनेक्टिविटी के तहत 05 नये एअर रूट चयनित किए गए हैं। जेवर में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भी कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम समाज एवं शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए एण्टी भू-माफिया पोर्टल की व्यवस्था की गई है।

धांधलेबाजी रोकने के लिए खतौनी में खातेदारों का अंश निर्धारण व आधार सीडिंग का कार्य फरवरी, 2018 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण एवं खनन प्रक्रिया के सरलीकरण, पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा एवं राजस्व वृद्धि हेतु उत्तर प्रदेश खनन नीति-2017 लागू की गई है।

मुख्यमंत्री जी ने नीति आयोग से बुन्देलखण्ड पैकेज का और अधिक विस्तार करने तथा उसके तहत निर्धारित धनराशि को शीघ्र उपलब्ध कराने का आग्रह करते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रयाग कुम्भ मेला-2019 के सफल संचालन के लिए राज्य के संसाधनों से विकसित की जा रही सुविधाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में भारत सरकार को भेजी गई परियोजनाओं के सापेक्ष शीघ्र धनराशि उपलब्ध करायी जाए, जिससे कार्य में तेजी आ सके।

कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विगत 07 माह में राज्य में एक भी दंगा नहीं हुआ है। प्रदेश सरकार प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान करने एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रही है।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव कुमार ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश में विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं को पारदर्शी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रगति से ही भारत का विकास सम्भव है।

उन्होंने कहा कि नीति आयोग हर सम्भव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। उन्होंने विकास की वर्तमान रफ्तार को बनाए रखने का आग्रह करते हुए कहा कि नीति आयोग समय-समय पर मुख्यमंत्री जी को फीडबैक उपलब्ध कराने का काम करेगा।

बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री सिद्धार्थनाथ सिंह, मुख्य सचिव श्री राजीव कुमार, नीति आयोग के सी0ई0ओ0 श्री अमिताभ कान्त सहित राज्य सरकार एवं नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।