धरती मां की सेहत सुधारने का संकल्प—केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह

झज्जर (जनसंपर्क विभाग) —————भारत सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि अगर धरती मां बीमार रहेगी तो उसका बेटा किसान भी खुशहाल नहीं होगा।
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किसान और खेत में मां-बेटे का संबंध है और मां की सेहत को सुधारने का हम सबको संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने यह बात मंगलवार को गांव बीड़ सुनार वाला स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में विश्व मृदा दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए कही।

पैरी अर्बन मॉडल प्रशंसनीय— श्री राधा मोहन सिंह ने पैरी अर्बन मॉडल को लेकर हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की प्रशंसा करते हुए कहा कि आगामी पांच वर्ष के दौरान पैरी अर्बन मॉडल से हरियाणा के किसान खुशहाल भी बनेंगे। उन्होंने हरियाणा के किसानों को बधाई दी कि चीन की राजधानी बीजिंग के पैरी अर्बन मॉडल के अनुसार दिल्ली एनसीआर की जरूरतों के मुताबिक खेती करने की ओर आप अग्रसर हो रहे हैं। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की इस पहल की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है।

हर दो साल में होगी मिट्टी की जांच—- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की अध्यक्षता में आयजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हरियाणा के सभी किसानों को आगामी जनवरी माह तक अपने-अपने खेत का सॉयल हेल्थ कार्ड मिलेगा।

हेल्थ कार्ड बनने के उपरांत हर दो वर्ष में मिट्टी की जांच होगी और जमीन की सेहत के लिए उपयोगी तत्वों की अनुशंसा इस कार्ड में दर्ज की जाएगी ताकि किसान अपनी भूमि के सेहत को सुधार सके। किसान अपने खेत का सॉयल हेल्थ कार्ड बनवाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण भी कर सकते हैं।

हर किसान के लिए धरती मां है और यह समय की मांग है कि मा-बेटे के संबंध को पुन: जीवित करें। उन्होंने चिंता जताते हुए बताया कि रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से लाखों हेक्टेयर जमीन मर चुकी है। सॉयल हेल्थ कार्ड में दर्ज जमीन की सेहत के हिसाब से हम धरती मां की सेवा करेंगे।

देश में 10 करोड़ किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड— केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने बताया कि स्वतंत्रता प्राप्ति के उपरांत देश में 10 से 12 वर्षों के दौरान कृषि क्षेत्र में किसी प्रकार का सुधार या निवेश नहीं हुआ। वर्ष 1965 में लाल बहादुर शास्त्री देश के प्रधानमंत्री बने तो हरित क्रांति की शुरुआत हुई।

वर्ष 1980 से लेकर 2000 तक कृषि क्षेत्र को लेकर सरकारों की उदासीनता बनी रही।

सॉयल हेल्थ कार्ड बनाने व टेस्टिंग लैब स्थापित करने के लिए सभी राज्यों को केंद्र की ओर से मदद दी गई। जिसके चलते आज देश में दस करोड़ किसानों को सॉयल हेल्थ जारी हो चुके हैं।

सेहत नहीं सुधरी तो बंजर हो जाएगी धरती— हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आज धरती मां की सेहत अच्छी नहीं है। धरती की सेहत अच्छी नहीं होने से उसके पुत्र-पुत्रियों की सेहत भी लगातार बिगड़ रही है। जिसके चलते हरियाणा में हर साल 23 हजार कैंसर व अन्य बीमारियों से ग्रसित नए रोगी सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक समय देश को अनाज की जरूरत थी। हरियाणा और पंजाब के किसानों के हरित क्रांति का नेतृत्व करते हुए देश को अनाज के मामले में आत्मनिर्भर बनाया।

उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसान प्रतिवर्ष 13 करोड़ क्विंटल अनाज केंद्रीय पूल में जमा कराते है लेकिन इस उपलब्धि के कारण 28 लाख क्विंटल रासायनिक खाद का इस्तेमाल होता है जिस पर खर्च होने वाले 5500 करोड़ रुपए में 3400 करोड़ रुपए की सब्सिडी भी होती है। इसके अतिरिक्त अनेकों पेस्टीसाइड के इस्तेमाल से जमीन में जीवांश की मात्रा कम होती गई। अगर यह मात्रा शून्य पर पहुंच गई तो हमारी धरती बंजर हो जाएगी।
धरती की सेहत को लेकर प्रधानमंत्री चिंतित

श्री धनखड़ ने बताया कि बेटियों की रक्षा के लिए जिस तरह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पानीपत की धरती पर झोली फैलाकर बेटियों का जीवन मांगा था उसी तरह आज देश के कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह भी धरती मां की रक्षा के लिए हरियाणा आए। उन्होंने कहा कि मनुष्य विकास करता है उससे संतुलन बिगड़ जाता है।

धान की पराली जलाने व रासायनिक उर्वरकों-कीटनाशकों के इस्तेमाल से धरती मां का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है। धरती मां की सेहत को लेकर लगातार प्रधानमंत्री चिंतित है। उन्होंने हाल में अपने मन की बात कार्यक्रम में भी सबसे अधिक जोर धरती मां की सेहत में सुधार पर दिया है। जैविक खाद, केंचुआ खाद आदि के इस्तेमाल से भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ा सकते हैं।

हरियाणा की कृषि योग्य 90 लाख एकड़ भूमि के लिए आज का कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मेरे खेत की सेहत अच्छी होगी तो मेरे परिवार की सेहत भी अच्छी होगी साथ ही सीमा पर खड़ा जवान भी तंदुरूस्त होगा और खाने-कमाने वाले पुत्र-पुत्री भी सेहतमंद होंगे।

धरती पुत्रों के लिए प्रधानमंत्री का जताया आभार बहादुरगढ़ से भाजपा विधायक नरेश कौशिक ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का केंद्र व हरियाणा में धरती पुत्रों को कृषि व किसान कल्याण की जिम्मेवारी देने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की भलाई के लिए जो भी कार्यक्रम लागू करती है उससे सबसे पहले हरियाणा में क्रियांवित किया जाता है। उन्होंने कहा कि किसानों को आपदा के समय सबसे अधिक मुआवजा व सॉयल हेल्थ कार्ड आदि कार्यक्रम चलाकर सरकार ने किसानों के मनोबल को ऊंचा किया है।
हरियाणा में 28 लाख किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड हरियाणा में कृषि विभाग के प्रधान सचिव डा. अभिलक्ष लिखी ने बताया कि हरियाणा में सॉयल हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम के तहत वर्ष 2015-16 में प्रारंभिक चरण के दौरान 28 लाख किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड प्रदान किए गए है।

दूसरे चरण में राज्य के सभी किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड दिए जाएंगे। राज्य में इस समय 34 सॉयल हेल्थ टेस्टिंग लैब काम कर रही है। जबकि कैथल, गुहला चीका, डबवाली आदि में नई लैब स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। इसी तरह 12 अनाज मंडियों व 6 कृषि विज्ञान केंद्रों में भी लैब स्थापित की जाएंगी।

कृषि मंत्री धनखड़ ने केंद्रीय मंत्री को भेंट किए झज्जर के अमरूद हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह को झज्जर के अमरूदों की टोकरी व स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक कन्या स्कूल, झज्जर की छात्राओं ने सरस्वती वंदना से किया।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने जिला के मुकेश पुत्र कबूल सिंह, महेंद्र पुत्र गुलजारी, जयप्रकाश पुत्र केहर सिह, सतबीर पुत्र हरदेवा, जगपाल पुत्र भीम सिंह, महेंद्र पुत्र न्यादर, रामकिशन पुत्र छोटा व राय सिंह पुत्र मोलड़ आदि किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड प्रदान किए। इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर जागरुक किसानों, महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों व किसानों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं को समर्पित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

इस अवसर पर चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति डा. केपी सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा के निदेशक डीके बेहरा, उपायुक्त सोनल गोयल, अतिरिक्त उपायुक्त सुशील सारवान, जिला परिषद के उपाध्यक्ष योगेश सिलानी, पूर्व मंत्री कांता देवी, उप निदेशक कृषि डा. रोहताश, आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

विश्व मृदा दिवस —हेल्थ कार्ड के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करने वाला मोबाइल एप भारत के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने आज झज्जर के बीड़ सुनार वाला स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित राज्य स्तरीय विश्व मृदा दिवस कार्यक्रम में भूमि का हेल्थ कार्ड बनवाने के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए मोबाइल एप्लीकेशन को लांच किया।

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लांच किए गए मोबाइल एप के जरिए किसान सॉयल हेल्थ के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे। इसके एप के अतिरिक्त सॉयल हेल्छ कार्ड से संबंधित अधिक जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से विशेष रूप से तैयार की गई सॉयलहेल्थ डॉट डीएसी डॉट जीओवी डॅाट इन से भी प्राप्त की जा सकती है।

इस अवसर पर भाजपा विधायक नरेश कौशिक, चौधरी चरण सिंह कृषि विवि हिसार के कुलपति डा. केपी सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा के प्रधान सचिव डा. अभिलक्ष लिखी, निदेशक डीके बेहरा, उपायुक्त सोनल गोयल, एनआईसी की डिप्टी डायरेक्टर जनरल डा. रंजना नागपाल, सीनियर टेक्निकल डायरेक्टर प्रतिभा लोखंडे आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।