दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग व उपकरण वितरण कैम्प —

झज्जर, 4 दिसंबर। भारत सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर आगामी 9 दिसंबर को जिला रेडक्रास सोसायटी एवं एलिम्को की ओर से जहांआरा बाग स्टेडियम में दिव्यांगजनों के लिए आयोजित होने वाले विशाल नि:शुल्क कृत्रिम अंग एवं उपकरण वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे।
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हरियाणा में सीएसआर के तहत दिव्यांगजनों के लिए सबसे विशाल कार्यक्रम में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। जिला रेडक्रास सोसायटी की अध्यक्ष एवं उपायुक्त सोनल गोयल ने कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर सोमवार को अधिकारियों की बैठक ली।

स्वचालित उपकरणों का वितरण —श्रीमती गोयल ने कार्यक्रम में भागीदारी करने वाले दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए इंतजामों को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

उन्होंने कार्यक्रम तक दिव्यांगजनों के आवागमन के लिए खण्डवार परिवहन व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बैठक में एलिम्को के प्रतिनिधि एसके रथ ने उपायुक्त को जानकारी देते हुए बताया कि झज्जर जिला में आयोजित होने वाले इस शिविर में दिव्यांग जनों को 215 स्वचालित ट्राइसाइकिल, 7 स्वचालित व्हील चेयर, 108 स्मार्ट फोन व 153 स्मार्ट केन आदि अत्याधुनिक उपकरण वितरित होंगे। अरावली पावर कॉर्पोरेशन प्रा. लिमिटेड के सीएसआर के तहत इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

दो करोड़ के उपकरणों का वितरण 1142 दिव्यांजनों में उपायुक्त ने बताया कि कार्यक्रम में 1142 दिव्यांगजनों को दो करोड़ रुपए के उपकरण वितरित किए जाएंगे। आयोजन में आने वाले दिव्यांगजन व उनके सहायकों की सुविधा में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। बैठने, पीने के पानी, खान-पान व स्वच्छता को लेकर संबंधित अधिकारी गंभीरता से काम करें।

आयोजन स्थल पर विभिन्न सरकारी विभागों की दिव्यांजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं व अन्य उपयोगी सामग्री के प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से संचालित सवेरा स्कूल का भी आयोजन में प्रतिनिधित्व रहेगा। हरियाणा में अत्याधुनिक उपकरणों की संख्या व सीएसआर के लिहाज से यह सबसे बड़ा कैम्प होगा।

इस अवसर पर उपण्डल अधिकारी (ना.) रोहित यादव, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी विशाल कुमार, जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी नीरज कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी जितेंद्र ढिल्लो, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी सत्यदेव मलिक तथा जिला रेडक्रास सोसायटी के सचिव महेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

मत्स्य पालन से आर्थिक स्थिति मजबूत मछली पालन का व्यवसाय आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में काफी सहयोगी है। उपायुक्त सोनल गोयल ने कहा कि ग्रामीण परंपरागत खेती के साथ-साथ मछली पालन का व्यवसाय अपनाकर सरकार की ओर से दी जाने वाली अनुदान राशि से लाभांवित हों। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन को रोजगार के साथ जोड़ा गया है ताकि युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने का अवसर मिल सके।

उपायुक्त श्रीमती गोयल ने कहा कि मछली पालन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को अनुदान राशि जाती है। उन्होंने जिला मत्स्य विभाग की ओर से चलाई जाने वाली स्कीमों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विभाग द्वारा चालू वित्त वर्ष के नवंबर मास तक लगभग 37 लाख 66 हजार 681 रूपए का अनुदान दिया गया है।

उन्होंने मछली पालन विभाग की प्रगति रिपोर्ट का ब्यौरा देते हुए बताया कि विभाग द्वारा अब तक जिला में 10321 टन मत्स्य उत्पादन हुआ जबकि इस कार्य से 255 लोगों को स्वरोजगार प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा जिले के 466 तालाबों के 846 हैक्टेयर क्षेत्र में 75.57 लाख मछली बीज का स्टाक किया गया। जिले में 35 हैक्टेयर क्षेत्र के पंचायती तालाब मत्स्य पालकों को पट्टों पर दिलवाए गए।

उन्होंने बताया कि मछली पालन के लिए मत्स्य पालन विभाग द्वारा प्रशिक्षण मुहैया कराने के साथ-साथ बैंकों से सस्ती दरों पर ऋण व अनुदान सुविधा भी सहजता से उपलब्ध कराई जा रही है।