जीएसटी और विमुद्रीकरण एनडीए का झूठा फरमान -सच सामने

हिमाचलप्रदेश ———–मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने कांगड़ा जिला के जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत डाडा-सीबा में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए लोगों का आहवान् किया कि प्रदेश में विकास की गति बनाए रखने और जनकल्याण सुनिश्चित बनाने के लिए कांग्रेस सरकार को पुनः सत्ता में लेंकर आएं।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोगों को जोड़ने में विश्वास रखती है, जबकि भाजपा हमेशा जाति, धर्म व क्षेत्र के नाम पर लोगों को विभाजित करती है। भाजपा का अपना कोई एजेंडा नहीं हैं और पूर्व के अनुभवों के आधार पर वह कह सकते है कि भाजपा फूट डालों और राज करो की नीति पर ही काम करती है।

उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सम्मान करते हैं, लेकिन श्री मोदी को सामाजिक एवं अन्य मुद्दो पर लोगों को बांटने का प्रयास नही करना चाहिए। आज स्थिति यह है कि गुजरात में ही प्रधानमंत्री को कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है और उनका ग्राफ तेजी से गिर रहा है।

जीएसटी के कारण लोगों में भ्रम की स्थिति है और विशेषकर व्यापारी वर्ग सर्वाधिक भ्रमित है। पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने भी आर्थिक दर में गिरावट और रोजगार के अवसर सृजित करने में नाकाम रहने पर मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि काला धन पर नकेल कसने के लिए विमुद्रीकरण का फैसला जल्दबाजी में लिया गया, जिसके गम्भीर परिणाम सामने आए हैं। देश की जनता यह भली-भांति समझ चुकी है कि विकास के नाम पर एनडीए सरकार ने झूठे दावे किए।

मुख्यमंत्री ने हैरानी व्यक्ति की कि आयकर से सम्बन्धित उनके एक मामले की जॉंच केन्द्र सरकार की तीन-तीन एजेंसियों के माध्यम से करवाई जा रही हैं।

श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों में हिमाचल में क्रान्तिकारी बदलाव हुए हैं तथा शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य भी हासिल किया गया है। प्रदेश सरकार ने बिलासपुर जिले में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान स्थापित करने के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की आवश्यकता के अनुरूप भूमि उपलब्ध करवाई है।

राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 230 नए स्वास्थ्य संस्थान खोले अथवा स्तरोन्नत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त चम्बा व नाहन में 100-100 एमबीबीएस सीटों के प्रावधान के साथ नए मैडिकल कॉलेज आरम्भ किए गए है, जबकि हमीरपुर में मैडिकल कॉलेज शीघ्र खोलने के प्रयास जारी हैं। इसी तरह प्रदेश सरकार ने मण्डी जिला के नेर चौक में ईएसआईसी मैडिकल कॉलेज को भी अपने नियंत्रण में लेकर इसे कार्यशील बनाया है।

मुख्यमंत्री ने इससे पूर्व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सलेटी के अतिरिक्त भवन की आधारशिला रखी। उन्होंने सलेटी खड्ड, पुनणी-1 व पुनणी-2, तुतरू खड्ड पर बनाए गए पुलों का उदघाटन किया जिनका निर्माण 2.75 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।

उन्होंने गरली में 3.14 करोड़ रुपये की लागत से तैयार बालिका आश्रम लोकार्पित किया जिसमें 72 बच्चों के रहने की व्यवस्था है।

मुख्यमंत्री ने डाडा-सीबा में हाल ही स्तरोन्नत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बाड़ी और तहसील कल्याण अधिकारी के कार्यालय का उदघाटन किया। उन्होंने जसवां-परागपुर क्षेत्र के अन्तर्गत 7.18 करोड़ रुपये खर्च कर पुरी की गई 9 जलापूर्ति योजनाओं को लोकार्पित किया, जिनसे लगभग 35 हजार लोग लाभान्वित होंगे। इन योजनाओं में पीर-सलुही, बसालग-चौली, रमकड़-खरोटी, गुदड़ा-चपलाह, बणी-खदवाणां,रोड़ी-कोड़ी, सवाणा-टीयामल,दाड-नंगल-चौंक-हटवाल बलघार और बस्सी-घेवरी शामिल हैं।

हि.प्र. वर्कर वैल्फेयर बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया ने इस अवसर पर विकास कार्यों की अनदेखी के लिए स्थानीय विधायक की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि विधायक पूरा-पूरा साल क्षेत्र में नजर नहीं आते और उन्होंने जन्दोड़ कॉलेज भवन के निर्माण कार्य में भी व्यवधान डाला।

विधायक श्री संजय रतन, ब्रिगेडियर राजेन्द्र राणा सहित पंचायतों, महिला एवं युवक मण्डलों के प्रतिनिधि भारी संख्या में इस अवसर पर उपस्थित थे।