छात्राओं के साथ छेडकानी करना फब्तियां कसना—पुलिस प्रषासन निष्क्रय


माननीय महामहीम राज्यपाल महोदय
जयपुर (राज)

1 यह कि प्रतापगढ जिला मध्य प्रदेष की सीमावर्ती सीमा पर होने से यहा पर आये दिन असामाजिक तत्वों एवं अपराधियों का जमावडा रहता है । विगत कई समय से प्रतापगढ भय मुक्त होकर षान्ति पूर्ण तरीके से आमजन अपना जीवन निर्वहन कर रहे है परन्तु विगत कुछ समय से असामाजिक तत्व समाज विषेश के लोगो द्वारा प्रतापगढ में भय एवं आतंक का माहोल पैदा करने का कृत्य किया जा रहा है ।

2 यह कि अभी विगत दिनों इन असामाजिक तत्वों समाज विषेश के द्वारा षान्ति प्रिय समुदाय के लोगो पर दबाव, भय एवं आतंक कार्यम करने के उद्धेष्य से कई घटनाए कारीत की है। जिसमें प्रमुख रूप से दिनांक 04.02.2019 को रात्री 9 बजे के करीब षान्ति प्रिय समुदाय के व्यक्ति धोबी चौक में अपने मकान के वहा सर्दी होने के कारण अलाव लगाकर ताप रहे थे इसी बीच समुदाय विषेश के कुछ युवकों द्वारा तेज गती से मोटरसाईकिल लाकर अलाव तापते लोगो के साथ झगडा किया तथा तेज गती होने के कारण स्वयं दुर्घटनाग्रस्त हो गये जिस पर पुलिस थाना प्रतापगढ में एक रिपोर्ट भी दी गई परन्तु उस रिपोर्ट पर पुलिस प्रषासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं कि गई तथा आज दिनांक तक भी कोई एफ0आई0आर दर्ज नहीं कि गई वरण उल्टा षान्ति प्रिय समुदाय के लोगो पर दबाव बनाया जाकर उनके विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। जबकि इन असामाजिक तत्व समुदाय विषेश के लोगो द्वारा अस्पताल प्रषासन पर भी नाजायज रूप से दबाव बनाया गया तथा षान्ति प्रिय समुदाय के लोगो पर दबाव बनाने के लिये उन साधारण घायलों को जबरन उदयपुर हास्पीटल में रेफर करवाया जहाॅ उन्हे 12 घण्टे से भी कम अवधि में हास्पीटल से डीस्चार्ज कर दिया उक्त चिकित्सालय कि घटना पर पी0एम0ओ प्रतापगढ द्वारा भी एक प्रार्थना पत्र श्रीमान जिला कलेक्टर प्रतापगढ के यहा प्रेशित किया है । जिससे इन असामाजिक तत्वांे का हौसला और बुलन्द हो गया और आज दिनांक 08.02.2019 को दोपहर करीब ढाई तीन बजे के हाथ में नंगी तलवार लेकर दहषत फैलाने के लिये जान लेवा हमला अनीष पिता कैलाष टांक के उपर किया गया जिससे वह घायल हो गया और पाव में चोट आई उसके बावजूद प्रषासन द्वारा अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई अपितु षान्ति प्रिय समुदाय के लोगो को पुलिस प्रषासन द्वारा यह कहकर दबाया गया कि आपने अगर ज्यादा किया तो 15-20 लोगो को और हम अन्दर कर देंगे कहते हुवे जबरन दबाव बनाया और दिनांक 04.02.2019 एवं आज दिनांक 08.02.2019 की दोनो घटनाओं पर आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई जिससे सकल हिन्दु समाज में भारी रोश व्याप्त है इसी प्रकार यदि समय रहते इन असामाजिक तत्वों के विरूद्ध ठोस कार्यवाही नहीं की जाती है तो आम जन जीवन पर काफी प्रभाव पडेगा व षान्ति प्रिय समुदाय के लोगो में भय व्याप्त होगा उनका जीवन दुर्भय हो जायेगा ।

3 यह कि इन असामाजिक तत्वों एवं समुदाय विषेश के नाबालिग लडकों द्वारा आये दिन मुख्य मार्ग सदर बाजार , धान मण्डी, गोपाल गंज, सालमपुरा , अन्य गलियों में तेज रफतार द्वारा बाईक को ले जाना , कट बाजी करना एवं स्टन्ट दिखाना आदि के द्वारा भी भय व्याप्त किया जाता है । एवं उक्त दिनांक 04 फरवरी की घटना का कारण भी यही रहा है ।

4 यह कि इन असामाजिक तत्वों द्वारा आते जाते नन्ही बालिकाओं विधालय की छात्राओं, महाविधालय की छात्राओं एवं टयुषन पर आने जाने वाली छात्राओं के साथ छेडकानी करना फब्तिया कसना आदि षर्मनाक कार्य किये जाते है तथा इन असामाजिक तत्वों द्वारा अपनी मोटरसाईकिल पर तेज ध्वनि वाले साईलेन्सर लगाये जाते है तथा उनके द्वारा लडकियों के पास से गुजरने पर साईलेन्सर में से फटाखे फोडे जाते है जिससे भी नाबालिग बालिकाओं में भय व्याप्त है और आमजन भी सहम जाता है जिससे दुर्घटना होने की भी सम्भावना रहती है ।

5 यह कि प्रतापगढ जिला सीमावर्ती क्षैत्र होने से यहा पर असामाजिक तत्व मुह पर कपडा बांध कर नकाब पोष बनकर पुलिस प्रषासन की नाक के नीचे से निकलते है फिर भी उनके उपर कोई उचित कार्यवाही नहीं कि जाती है जिससे इन असामाजिक तत्वों के हौसले बुलन्द हो रहे है और प्रतापगढ की आम जनता को सडक पर उतरने के लिये मजबुर होना पड रहा है।

मध्यप्रदेष व राजस्थान की सीमा पर होने के कारण यहा पर हथियारों की अवैध तस्करी भी इन असमाजिक (समुदाय विषेश) तत्वों द्वारा कि जाती है । पूर्व में भी इन अवैध हथियारो की धर पकड बाबत कई धरने, पदर्षन ज्ञापन दिये गये परन्तु आज दिन तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई ना ही अवैध हथियार पकडने हेतु पुलिस प्रषासन द्वारा मुहीम चलाई गई । इसी कारण प्रतापगढ आज पुनः दहषत के माहौल मंे हो गया है और फिरोती, गोलीबारी , तलवारबाजी करना समुदाय विषेश के लोगो द्वारा आम बात हो गई है।

6 यह कि समुदाय विषेश के असामाजिक तत्वों द्वारा धार्मिक स्थल के बाहर से षान्ति प्रिय समुदाय के व्यक्तियों का प्रोषेसन, बिन्दोली, धार्मिक जुलुस आदि पर माईक , बेण्ड बाजे आदि जबरन बन्द करवा दिये जाते है और उनके धार्मिक स्थल पर अत्यन्त तीव्र ध्वनि के ध्वनि विस्तारक यन्त्र लगाये जाते है जिससे ध्वनि प्रदुशण भी होता है।

7 यह कि पुलिस प्रषासन द्वारा इस प्रकार एक पक्षीय कार्यवाही किये जाने से प्रतापगढ की आम जनता संकल हिन्दु समाज में भारी रोश व्याप्त है समय रहते उक्त तथ्यों पर घोर नहीं किया गया तो प्रतापगढ की आम जनता को सडकांे पर उतरने के लिये मजबुर होना पडेगा ।

अतः ज्ञापन प्रेशित कर निवेदन है कि इन असामाजिक तत्वों के विरूद्ध ठोस कार्यवाही करते हुवे प्रतापगढ की जनता को भय मुक्त तथा षान्तिपूर्ण माहोल प्रदान करें एवं इन अवैध हथियारो की धरपकड, स्टन्ट बाईक रैसर , नाबालिक वाहन चालक , छात्राओं को छेडकानी से रोकने हेतु सख्त कदम उठाये अन्यथा प्रतापगढ के षान्ति प्रिय समुदाय को सडकों पर उतरकर आन्दोलन करने पर मजबुर होना पडेगा ।

(सचिन पटवा)