चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के स्वर्णिम चार वर्ष

जयपुर———–प्रदेश में 13 दिसम्बर, 2015 से संचालित भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से लगभग 974 करोड़ से अधिक रुपये की राशि के 17 लाख 73 हजार क्लेम एनलिस्ट कर 16 लाख मरीजों को लाभान्वित किया जा चुका है। विभाग में शीघ्र ही लगभग 1300 चिकित्सकों, 120 दंत चिकित्सकों, 1800 फार्मासिस्ट, 1534 लैब सहायकों, 1867 एएनएम एवं 175 नेत्र सहायकों की भर्ती की जायेगी।
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री कालीचरण सराफ ने बुधवार को स्वास्थ्य भवन में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए यह जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों के लीफलेट एवं डोक्यूमेन्ट्री फिल्म का भी विमोचन किया। उन्होंने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग आमजन तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध करवाने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रहा है।

उन्होंने बताया कि जनकल्याणकारी भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र योजना, इंटीग्रेटेड एम्बुलेंस जीवन वाहिनी सेवा, पीसीपीएनडीटी एक्ट की प्रभावी पालना, डॉटर्स आर प्रीसियस जनजागरूकता अभियान एवं मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विभिन्न अभिनव योजनाएं संचालित कर समाज के सभी वर्गों को लाभान्वित किया जा रहा है।

बीएसबीवाई में 778 निजी चिकित्सालय सूचीबद्ध

प्रदेश के लगभग एक करोड़ परिवारों को इन्डोर उपचार के दौरान 30 हजार से 3 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान कर कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध करवायी जा रही है। योजना के तहत गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों की एंजियोप्लास्टी, हार्ट बाईपास, हार्ट सर्जरी, बे्रन सर्जरी, स्पाइनल सर्जरी एवं प्लास्टिक सर्जरी भी की जा रही है। यह कैशलेस उपचार की सुविधा 501 राजकीय चिकित्सा संस्थानों एवं सूचीबद्ध 778 निजी चिकित्सालयों के माध्यम से प्रदान की जा रही है।

5334 नियमित चिकित्सकों की नियुक्ति

श्री सराफ ने बताया कि विगत् 4 वर्षों में 5334 नियमित चिकित्सा अधिकारी एवं 80 नियमित दन्त चिकित्सा अधिकारी को नियुक्ति दी गई। साथ ही 20 हजार 82 नसिर्ंगकर्मियों व पैरामेडिकल स्टॉफ की भर्ती प्रक्रिया लगभग पूर्ण कर ली गयी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न संवगोर्ं के 8 हजार 464 नसिर्ंगकर्मियों की पदौन्नति की जा चुकी है। ’राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत वर्ष 2015 से माह अक्टूबर 2017 तक विभिन्न संवर्ग के 6 हजार 831 नवीन संविदा आधारित रिक्त पदों पर नियुक्तियां दी गयी है।

895 आदर्श पीएचसी

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्ता पूर्ण, स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से प्रथम चरण में कुल 295 पीएचसी को आदर्श पीएचसी एवं वेलनेस सेन्टर के रूप में विकसित किया गया है। द्वितीय चरण के प्रथम फेज में चयनित 286 पीएचसी को 11 जुलाई 2017 को आदर्श पीएचसी के रूप में प्रारंभ किया गया। द्वितीय फेज में 314 पीएचसी हेतु कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो पर गतवर्ष की तुलना मे आउटडोर में 26 प्रतिशत की वृद्धि एवं प्रसव संख्या में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है।

अब तक 96 डिकॉय ऑपरेशन

श्री सराफ ने बताया कि प्रदेश में कन्या भू्रण हत्या को रोकथाम के सशक्त प्रयास करते हुए अब तक 26 अन्तर्राज्यीय डिकॉय ऑपरेशन सहित कुल 96 डिकॉय ऑपरेशन कर भू्रण लिंग परीक्षण एवं भू्रण हत्या में लिप्त दोषी गिरफ्तार किये गये हैं। उन्होंने बताया कि 17 नवम्बर 2017 को आयोजित ‘बेटी बचाओ‘ के शैक्षणिक जनजागरूकता अभियान को ‘विश्व रिकार्ड बुक‘ में शामिल किया गया है।

प्रदेशभर के 773 केन्द्रों पर एक दिन एवं एक ही समय में आयोजित हुये इस अभिनव महाअभियान के माध्यम से डेढ़ लाख से अधिक युवाओं को ‘डाटर्स आर प्रीसियस‘ से जोड़ा गया है। मुखबिर योजना के तहत दी जाने वाली पुरस्कार राशि को वर्ष 2017-18 से 2 लाख रूपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रूपये किया गया है। विभाग के इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप पीसीटीएस में दर्ज आंकड़ों के अनुसार जन्म पर लिंगानुपात बढ़कर अब 939 हो गया है।

शिशु मृत्युदर में गिरावट

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि राजस्थान की शिशु मृत्युदर एसआरएस 2012 की रिपोर्ट के अनुसार 49 थी। एसआरएस 2013 में शिशु मृत्युदर 47 थी। एसआरएस 2014 में 46 एवं एसआरएस 2015 में यह 43 थी। नवीनतम एसआरएस (सेम्पल रजिस्ट्रेशन सर्वे) 2016 के अनुसार इसमें 2 अंकों की गिरावट के बाद अब यह 41 रह गयी है।

फेसिलिटी बेस्ड न्यूबॉर्न केयर के तहत् वर्ष 2013 में 36 स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट थे, जिन्हें बढ़ाकर अब 53 कर दिया गया है। वर्ष 2013 में मात्र 1201 डिलीवरी पॉवइन्ट पर न्यूबोर्न केयर कॉर्नर संचालित थे, जबकि अब 2065 डिलीवरी पाइंट् पर न्यूबोर्न केयर कार्नर संचालित हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 8 जिलों में ‘चिरायु, नन्ही जान हमारी शान‘ संचालित किया जा रहा है।

एक करोड़ 95 लाख बच्चों की स्क्रीनिंग

श्री सराफ ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मोबाईल हैल्थ टीमों द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों व राजकीय विद्यालयों में जन्म से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 95 लाख हैल्थ स्कि्रनिंग कर 6 लाख 16 हजार बच्चों को उपचार हेतु रैफर किया गया, 1 लाख 95 हजार बच्चों को कैम्प में उपचारित किया गया एवं 2 लाख 50 बच्चों को उच्च चिकित्सा संस्थान पर ईलाज करवाया गया है। अब तक 1 हजार 52 बच्चों कि हार्ट सर्जरी व 3196 बच्चों की अन्य आवश्यक सर्जरी करवा दी गई है।

मातृत्व सेवाओं का सुदृढ़ीकरण

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि मातृ मृत्युदर को कम करने के लिए मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मातृ मृत्युदर वर्ष 2005 में 388 व वर्ष 2012 में 255 प्रति लाख थी। वर्तमान अनुमानों के अनुसार यह कम होकर लगभग 200 रह गयी है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत कुल 40 हजार 909 केम्प आयोजित कर 9 लाख 45 हजार 341 गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। उन्होंने बताया कि सुरक्षित मातृत्व दिवस, के तहत् अब तक कुल 6 हजार 618 शिविर आयोजित कर 1 लाख 89 हजार 175 गर्भवती महिलाओ को सेवाये उपलब्ध करायी गयी है।

पीपीआईयूसीडी निवेशन में उल्लेखनीय सफलता

श्री सराफ ने बताया कि वर्ष 2013-14 से अक्टूबर 2017 तक 5 लाख 14 हजार 261 महिलाओं को निःशुल्क पीपीआईयूसीडी से लाभान्वित किया गया है। पीपीआईयूसीडी निवेशन में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब स्वास्थ्य विभाग द्वारा उच्च प्रजनन दर वाले 14 जिलों में नये गर्भ निरोधक इंजेक्शन ‘‘अंतरा’’ पर विशेष बल देकर निःशुल्क उपलब्ध करवाया जा रहा है।

सभी जिला चिकित्सालयों में एनसीडी क्लिनिक

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि कैंसर, ह्दय रोग, मधुमेह एवं स्ट्रोक जैसे रोग विश्वभर में मृत्यु का सबसे बड़ा कारण बन रहे हैं। इनकी रोकथाम के लिए प्रदेश के सभी जिला चिकित्सालयों व 160 सीएचसी पर एन.सी.डी. क्लिनिक संचालित हैं। सभी जिला चिकित्सालय में प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को समय से पूर्व कैंसर रोग की पहचान हेतु अर्ली कैंसर डिटेक्शन कैम्प का आयोजन किया जाता है।

निःशुल्क दवा व जांच योजना

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के अन्तर्गत 13 दिसम्बर 2013 से अब तक 34 करोड़ 33 लाख से अधिक रोगियों को लाभान्वित किया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना के अन्तर्गत प्रतिदिन लगभग 1 लाख निःशुल्क जांचे की जा रही है एवं 13 दिसम्बर 2013 से अक्टूबर 2017 तक 15 करोड़ 90 लाख 23 हजार 653 निःशुल्क जांचे कर लगभग सवा 8 करोड़ मरीजों को लाभान्वित किया गया है।

115 ब्लडबैंक किये जा रहे संचालित

श्री सराफ ने बताया कि वर्तमान में कुल 115 ब्लडबैंक एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रक्त की उपलब्धता हेतु एनएचएम के तहत 110 ब्लड स्टोरेज सेंटर संचालित किये जा रहे हैं। वर्ष 2017 में नेताजी सुभाष चन्द बोस जयन्ती एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर आयोजित शिविरों में 45 हजार से अधिक युवाओं ने रक्तदान का संकल्प लिया एवं 17 हजार युवाओं ने रक्तदान किया। गत् 3 वर्षों में 1 लाख 27 हजार संकल्प पत्र भरे गये व कुल 35 हजार 600 यूनिट रक्तदान हुआ।

सभी जिला अस्पतालों में 34 एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में 34 एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम से सुसज्जित एम्बुलेंस उपलब्ध करवायी गयी है। राज्य सरकार द्वारा संचालित चार सेवाओं- 108 एम्बुलेंस सेवा, 104 जननी एक्सप्रेस सेवा,बेस एम्बुलेंस सेवा तथा 104 चिकित्सा परामर्श सेवा का समन्वय कर 15 अगस्त 2016 से इंटीग्रेटेड एम्बुलेंस योजना प्रारंभ की गयी है। इसमें कुल 1492 एम्बुलेंस संचालित की जा रही हैं। अक्टूबर 2017 तक इस योजना के अन्तर्गत कुल 12 लाख 72 हजार 422 कॉलर्स को परामर्श सेवायें प्रदान कीे जा चुकी हैं।

7 नये मदर मिल्क बैंक होंगे स्थापित

श्री सराफ ने बताया कि नवजात शिशुओं को दूध के लिए 10 जिला अस्पतालों ब्यावर, अलवर,बांसवाडा, बांरा, भीलवाडा, भरतपुर, बून्दी, चितौडगढ, चूरू, टोंक में एवं उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज के जनाना अस्पताल में ‘‘आंचल‘‘मदर मिल्क बैंक संचालित की जा रही है व 7 नये मदर मिल्क बैंक प्रांरभ करना प्रस्तावित है। आंचल‘ दिव्य मदर मिल्क बैंक’ में 10 हजार 715 माताओं’ ने 19 हजार 830 बार कुल 21 लाख 99 हजार 549 मिलीलीटर दुग्ध दान स्वरुप प्रदान किया है। इस संकलित दुग्धदान से एनआईसीयू में भर्ती 7 हजार 513 नवजात शिशुओं को लाभ मिला है।

राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन केे अन्तर्गत प्रदेष के 61 शहरों में कच्ची बस्तियों के 1 करोड़ से अधिक नागरिकों को चिकित्सा सेवाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। शहरी 105 डिस्पेन्सरियां क्रमोन्नत की गयी हैं। 44 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है एवं 31 शहरी पीएचसी का निर्माण कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में 200 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हैं। 38 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को पीपीपी मोड प्रारम्भ की गयी हैं। सामुदायिक सहभागिता के अन्तर्गत 4 हजार 708 महिला आरोग्य समितियों का गठन किया गया है।

8 नये मेडिकल कॉलेज स्वीकृत

श्री सराफ ने बताया कि हमारी सरकार के कार्यकाल में 8 नये मेडिकल कॉलेज चूरू, डूंगरपुर, भीलवाड़ा, भरतपुर, बाड़मेर, पाली, अलवर एवं सीकर में स्वीकृत किये गये हैं। प्रत्येक मेडिकल कॉलेज 189 करोड़ रुपये लागत के अनुसार अप्रेल 2016 से प्रारम्भ हुआ निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक हेतु मेडिकल कॉलेज जयपुर में 200 करोड़ तथा बीकानेर, कोटा व उदयपुर मे 150-150 करोड रुपये के कार्य स्वीकृत किये गये है एवं बीकानेर, कोटा व उदयपुर में कार्य का शुभारम्भ कर दिया गया है।

जेके लॉन में 100 बैड की नियोनेटल आईसीयू

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि एसएमएस हॉस्पिटल की बैड क्षमता में 120 की वृद्धि की जा रही है। जे.के लॉन अस्पताल में 100 बैड का नियोनेटल आईसीयू का निर्माण पूर्ण हो हो गया है व इसे शीघ्र ही शुरू किया जा रहा है। जनाना, कांवटिया व महिला चिकित्सालय में ब्लड बैंकों का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है।

मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में बढते हुए रोगियों के भार को देखते हुये जिला मुख्यालयों पर स्थित 16 अस्पतालों का सुदृढीकरण कर व मरीजों की सेवाओं में विस्तार कर उन्हें संबंधित प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज के नियंत्रण में दिया गया है।

आरयूएचएस का 500 बैड का नया अस्पताल

राजकीय जयपुरिया चिकित्सालय, जयपुर में सी.टी स्कैन., एम.आर.आई., टू-डी ईको, टीएमटी एवं होल्टर मॉनिटर मशीन की सेवाओं व अन्य जांच सुविधाओं के साथ ही सुपरस्पेशियलिटी ईलाज प्रारम्भ किया गया है। नये वार्डों का निर्माण किया जा रहा है, इससे अस्पताल की बिस्तर क्षमता बढ़कर 470 हो जायेगी। आरयूएचएस द्वारा नवीन चिकित्सा महाविद्यालय प्रारम्भ किया गया है। साथ ही 500 बैड का अस्पताल भी विकसित किया जा रहा है।

31 नवीन पंचकर्म केन्द्र

आयुर्वेद मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014-2015 एवं 2016-17 में 26 योग एवं प्रातिक चिकित्सा केन्द्र भवनों का निर्माण कार्य करवाया गया है। 35 आंचल प्रसूता केन्द्राें की स्थापना कर माताओं एवं शिशुओं को स्वास्थ्य संरक्षण करने वाली औषधियों का विशेष पैकेज उपलब्ध करवाया जा रहा हैं। 31 चिकित्सालयों पर नवीन पंचकर्म केन्द्रों की स्थापना की गई है।

समस्त 33 जिलोें में जरावस्था निवारण केन्द्र खोले गये है। राष्ट्रीय आयुष मिशन द्वारा लगभग 82 करोड़ रूपये की औषध आपूर्ति विभागीय चिकित्सा केन्द्रों में की गई है तथा 145 औषधालय भवनों का निर्माण व मरम्मत कराया गया है। वर्तमान सरकार में अब तक 1984 आयुष चिकित्सा अधिकारी तथा 317 नर्स कम्पाउण्डर को नियुक्ति दी गई है। टोल फ्री नम्बर 104ध्108 पर ऑनलाईन आयुष चिकित्सा पद्धति का परामर्श आमजन के लिए निःशुल्क दिया जा रहा है।

इस अवसर पर चिकित्सा राज्य मंत्री श्री बंशीधर खण्डेला, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती वीनू गुप्ता, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री आनंद कुमार, शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री नवीन जैन, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. वी.के.माथुर एवं निदेशक आरसीएच डॉ. एसएम मित्तल सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।