गांवों के विकास की समीक्षा- कृषि मंत्री

झज्जर (जनसंपर्क विभाग)———- कृषि मंत्री की उपस्थिति में संबंधित गांवों के प्रतिनिधियों को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से गांव में हुए विकास की स्थिति बताई गई।
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पिछले तीन वर्षोँ के दौरान हुए विकास कार्यों के साथ-साथ भविष्य में होने वाले कार्यों की रूपरेखा के बारे में भी जानकारी दी गई। कृषि मंत्री ने गांव सौंधी में प्रस्तावित फूलों की खेती के उत्कृष्टता केंद्र के बारे में भी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि यह केंद्र इस इलाके में किसानों की आमदनी बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। करीब 15 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले इस केंद्र की शीघ्र ही आधारशिला रखी जाएगी।

कृषि मंत्री ने ग्रामवार विकास कार्यों का लेखा-जोखा ग्रामीणों को समझाते हुए कहा कि अब किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं है। गांव में जो काम हुआ उसकी ग्राउंड रिपोर्ट आपके सबके सामने है। उन्होंने कहा कि गांवों में विकास के लिए किसी प्रकार की कमी नहीं रहेगी।

पारदर्शी व्यवस्था बनाने के लिए पहले शिक्षित पंचायतों का चुनाव हुआ फिर ग्राम पंचायतों को 20 लाख रुपए तक खर्च करने का अधिकार देकर सशक्त बनाया गया। ग्रामीणों ने भी कृषि मंत्री की इस पहल का स्वागत किया। इस दौरान कृषि मंत्री ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनी और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।

पांच गांवों में विकास कार्यों की समीक्षा –हरियाणा के कृषि, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ मंगलवार पांच दिसबंर की सुबह 9 बजे लघु सचिवालय, बादली में गांव उखलचना, सूहरा, औरंगपुर, नंगला व कुतानी गांव में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। इसी दिन कृषि मंत्री बीड़ सुनार वाला व गांव तलाव में आयोजित दो कार्यक्रमों के अतिरिक्त दोपहर साढ़े तीन बजे गांव बाढ़सा में सामुदायिक केंद्र का भी उद्घाटन करेंगे।

इस अवसर पर उपमण्डल अधिकारी (ना.) बादली त्रिलोक चंद, तहसीलदार कंवल सिंह यादव, एक्सईएन पंचायती राज युनूस खान, रोजगार गारंटी काउंसिल के सदस्य राय सिंह, बादली के सरपंच प्रतिनिधि अमित छनपाडिय़ा, सुनील गुलिया, बिजेंद्र माडोठी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

बच्चों का अधिकार ———–बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई, झज्जर की ओर से सोमवार को गांव लुहारी व अमादलपुर में बाल अधिकार व संरक्षण जागरुकता शिविर आयोजित किए गए। जिला बाल संरक्षण अधिकारी लतिका ने छठी से बारहवीं कक्षा में पढऩे वाले बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी लतिका ने बच्चों को जीवन जीने का अधिकार, विकास का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, सुरक्षा का अधिकार, सहभागिता का अधिकार आदि के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बच्चों को गुड टच-बैड टच की पहचान करने के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए ताकि कोई उनका शोषण न कर सके।

अधिकारों के हनन की स्थिति में रिपोर्टिंग मैकेनेजिम की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चे चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 व बाल भवन स्थित जिला बाल संरक्षण अधिकारी कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।