कुपोषण में असाधारण कमी— सर्वश्रेष्ठ राज्य राष्ट्रीय पुरस्कार

छत्तीसगढ़ —————को पूरे भारत वर्ष में कुपोषण के एक पैमाने बौनापन अर्थात आयु के अनुसार कद के मापदण्डों के आधार पर बच्चों के कुपोषण में असाधारण कमी लाने के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

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मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ,महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशिला साहू, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव डॉ. श्रीमती एम.गीता

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रीय स्तर पर हासिल की गयी इस उपलब्धि के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशिला साहू और विभाग के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह से आज दोपहर यहां उनके निवास पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशिला साहू ने मुलाकात कर उन्हें यह जानकारी दी।

उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार नई दिल्ली में पिछले माह की 19 तारीख को आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका गांधी ने प्रदान किया। केन्द्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ के महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव डॉ. श्रीमती एम.गीता को पुरस्कार प्रदान किया।

उल्लेखनीय है कि कुपोषण ज्ञात करने के तीन पैमाने है जिसमें आयु के अनुसार ऊंचाई न होना एक महत्वपूर्ण पैमाना है। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2005-06 में राष्ट्रीय परिवार एवं स्वास्थ्य सर्वेक्षण ने 52.9 प्रतिशत बच्चों को बौनेपन के आधार पर कुपोषित पाया था, जबकि वर्ष 2015-16 के राष्ट्रीय परिवार एवं स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार यह प्रतिशत घटकर 37.6 प्रतिशत हो गया है।

10 वर्षों में 15.3 प्रतिशत की कमी आई है, जो कि सूचकांको के अनुसार विविध प्रयासों को लगातार जारी रखने के कारण संभव होता है। भारत सरकार ने इस उपलब्धि को असाधारण मानते हुए छत्तीसगढ़ को पुरस्कृत किया। प्रदेश की यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर सराही जा रही है। डॉ रमन सिंह ने इस उपलब्धि की सराहना की।