किडनी प्रभावित ग्रामीणों का बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित हों

रायपुर———-मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को राज्य के गरियाबंद जिले के सुदूवर्ती ग्राम सुपेबेड़ा (विकासखण्ड-देवभोग) में किडनी की बीमारी से प्रभावित ग्रामीणों का बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित करने और बीमारी के कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने बीती रात यहां अपने निवास कार्यालय में लोक सुराज अभियान की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सुपेबेड़ा जाने और प्रभावितों के इलाज की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए थे। डॉ. सिंह ने कहा – कि किडनी अथवा अन्य बीमारियों से पीड़ित ग्रामीणों का बेहतर से बेहतर इलाज राज्य सरकार द्वारा करवाया जाएगा। 1

मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और डॉक्टरों की टीम ने आज गरियाबंद जिले के सुदूरवर्ती ग्राम सुपेबेड़ा (विकासखण्ड-देवभोग) पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर किडनी की बीमारी के कारणों को जानने का प्रयास किया।

टीम में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुब्रत साहू, विभाग के आयुक्त श्री आर प्रसन्ना, कलेक्टर गरियाबंद श्रीमती श्रुति सिंह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता टी.जी. कोसरिया, स्वास्थ्य विभाग के संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. आर.आर. साहनी, गरियाबंद जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और फ्लोरोसिस नियंत्रण के राज्य नोडल अधिकारी भी शामिल थे।

अधिकारियों ने बताया कि डॉक्टरों की टीम और पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा ग्राम सुपेबेड़ा और आस-पास के गांवों के लोगों के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवभोग में शिविर लगाया गया है। आज वहां 86 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस शिविर में अब तक 1500 ग्रामीणों के रक्त के नमूने लिए जा चुके हैं। ग्रामीणों को शिविर तक आने जाने के लिए वाहन सुविधा जिला प्रशासन द्वारा दी जा रही है।

राजधानी से गए अधिकारियों की टीम ने सुपेबेड़ा गांव का भी दौरा किया। स्वास्थ्य मंत्री श्री अजय चन्द्राकर द्वारा रायपुर में ली गई समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप वरिष्ठ चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मचारियों की 26 सदस्यीय टीम कल 12 जून को सुपेबेड़ा पहुंची।

टीम में मेडिसीन, पैथोलॉजी, डेंटल, रेडियोलॉजी, आर्थो, शिशुरोग, माईक्रोबायोलॉजी और कम्युनिटी मेडिसीन विभाग के डॉक्टर तथा अन्य कर्मचारी शामिल हैं। यह टीम सोनोग्राफी, एक्स-रे, ईसीजी और इलेक्ट्रोलाईट जैसे आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित है। सुपेबेड़ा में भी अलग से प्राथमिक चिकित्सा शिविर चल रहा है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा सुपेबेड़ा के हेण्डपम्पों के पानी के परीक्षण किया गया है। इनमें से तीन हेण्डपम्पो मे फ्लोराइड की मात्रा पाये जाने पर उन्हे बंद करवा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी गांव के पेयजल के नमूनों का विभिन्न स्तरों पर परीक्षण करवाया जा रहा है।

अधिकारियों ने ग्रामीणों को यह भी बताया कि जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर से सम्बद्ध अम्बेडकर अस्पताल के वरिष्ठ किडनी रोग विशेषज्ञ (नेफ्रोलॉजिस्ट) डॉ. पुनीत गुप्ता कल 14 जून को सुपेबेड़ा पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात करेंगे, उनका स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। उनकी सलाह अनुसार मरीजों का समुचित उपचार किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुब्रत साहू ने कहा कि सभी मरीजों का इलाज करवाया जाएगा और उन्हें आवश्यक दवाईयां दी जाएंगी। डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल रायपुर के सहायक प्राध्यापक डॉ. आशीष सिन्हा द्वारा घर-घर जाकर सर्वेक्षण कर खान-पान सहित अन्य कारणो की जानकारी ली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बीमारी आखिर किस प्रकार फैली। उन्होंने बताया कि सुपेबेड़ा की मिट्टी का भी परीक्षण कराया जा रहा है।
संसदीय सचिव और सांसद – सुपेबेड़ा
संसदीय सचिव और क्षेत्र के विधायक श्री गोवर्धन मांझी तथा महासमुंद लोकसभा सांसद श्री चंदूलाल साहू ने भी आज सुपेबेडा पहुंचकर ग्रामीणो से मुलाकात की। उन्होंने ग्रामीणों को विश्वास दिलाया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह स्वयं यहां के हालात की समीक्षा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी मरीजो का बेहतर इलाज करवाने का भरोसा दिया है। संसदीय सचिव और लोकसभा सांसद ने ग्रामीणेा से कहा कि राज्य सरकार उन्हें हर संभव सहयोग देने को तत्पर है। उन्होंने मरीजों से डॉक्टरों के परामर्श के अनुसार दवाईयों का सेवन नियमित रूप से करने और सावधानी बरतने का आग्रह किया।