कांग्रेस की अजब सरकार के गजब कारनामें- शिवराज सिंह चौहान

मुझे जनता के लोकप्रिय नेता और नरेला से विधायक श्री विश्वास सारंग के खिलाफ कमलनाथ सरकार द्वारा की गई एफ.आई.आर. की सूचना प्राप्त हुई है। उनके खिलाफ सरकार ने धारा 353 और 327 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

नरेला विधानसभा क्षेत्र में श्री सारंग द्वारा किए गए विकास कार्यो का श्रेय लेने का होड़ कांग्रेस सरकार कर रही है। जनता-जनार्दन श्री विश्वास सारंग जी के साथ है जो कि कांग्रेस को पच नहीं रहा है और उनके उपर झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। धीरे-धीरे कांग्रेस की अजब सरकार के गजब कारनामे सामने आने लगे हैं। जनप्रतिनिधि को जनता से दूर करने के प्रयास कमलनाथ सरकार कर रही है।

जनप्रतिनिधि द्वारा किए गए विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रमों से उन्हें दूर रखा जा रहा है। सरकार के मंत्री सत्ता के नशे में हैं।कमलनाथ सरकार चुने हुए जनप्रतिनिधियों का लगातार अपमान कर रही है। उनको कार्यक्रमों में आने से रोककर जनादेश का खुलेआम अपमान कर रही है।

कांग्रेस ने जनप्रतिनिधियों से उनसे उनके अधिकार छीनने का काम किया है, लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर सीधा कुठाराघात यह सरकार कर रही है। यह महज केवल एक घटना नहीं है, प्रदेश में लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से कांग्रेस की स्तरहीन राजनीति का पता चलता है। लोकतन्त्र में जनप्रतिनिधि को जनता से दूर रखकर कांग्रेस सरकार का मानसिक दिवालियापन का चेहरा उजागर हो गया है।

कमलनाथ सरकार व उनके मंत्री ध्यान रखें, यह जनप्रतिनिधियों का अपमान नहीं; जनता का अपमान है, बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस अगर ऐसी राजनीति करना चाह रही है तो हम यह लड़ाई जनता के साथ सड़क पर लड़ने को मजबूर होंगे। कांग्रेस के षड्यंत्र की राजनीति को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

विश्वास सारंग को जनता ने अपना आशीर्वाद दिया है, उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों से विकास पुरुष की छवि बनाई है। कमलनाथ सरकार को ध्यान रखना होगा कि श्री विश्वास सारंग का अपमान नरेला की जनता का अपमान है।

इसके पूर्व इंदौर की महापौर श्रीमती मालिनी गौड़, भोपाल के महापौर श्री आलोक शर्मा जी के साथ-साथ अन्य जनप्रतिनिधि भी कांग्रेस सरकार की ओछी और स्तरहीन राजनीति से परिचित हो चुके हैं, जिसे प्रदेश की जनता ने भी बहुत करीब से महसूस किया है।

कांग्रेस सरकार को यह समझना होगा कि स्वस्थ लोकतन्त्र के लिए विपक्ष को साथ लेकर चलना होगा।

वैसे भी प्रदेश की जनता विगत 60-70 दिनों में कांग्रेस के नेताओं के व्यवहार, बयानों से “वक्त है बदलाव का” नारे को अच्छे से समझ चुकी है और आगामी चुनावो में वक़्त बड़े बदलाव के लिए तैयार बैठी है।

( ब्लाग)