एक हार को विराम न मानें—सिविल सेवा परीक्षा में 14वां स्थान पर रही अंकिता चौधरी

रोहतक—- सिविल सेवा परीक्षा में महम की रहने वाली 24 वर्षीय अंकिता चौधरी ने इतिहास रचा है। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में 14वां स्थान प्राप्त किया है। अंकिता ने लघु सचिवालय में उपायुक्त डॉ. यश गर्ग से मुलाकात की।

उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने अंकिता चौधरी को बधाई दी है। डॉ. गर्ग ने अंकिता चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि मुझे आशा है कि अंकिता की सफलता प्रदेश की महिलाओं के लिए एक प्रेरणा का काम करेगी। इस अवसर पर शुगर मिल महम के एमडी दलबीर फौगाट ने भी उन्हें बधाई दी।

अंकिता चौधरी ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करके और अपनी मेहनत व लगन से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। सफलता के लिए समर्पण जरूरी है। सौ प्रतिशत समर्पण सौ प्रतिशत सफलता।

एक हार को विराम न मानें।

उन्होंने अपनी पढ़ाई का सफर महम के महाराजा अग्रसेन स्कूल से कक्षा एक से शुरू किया। कक्षा चार से छह तक उन्होंने अपनी पढ़ाई विद्या देवी जिंदल स्कूल हिसार से प्राप्त की।

उन्होंने कक्षा सात से बारहवीं तक इंडस पब्लिक स्कूल रोहतक से शिक्षा हासिल की। उन्होंने कैमेस्ट्री में ग्रैजुएशन दिल्ली विवि के हिन्दु कॉलेज पूरी की।

उन्होंने आईआईटी दिल्ली से कैमसट्री में अपनी पोस्ट ग्रैजुएशन की पढ़ाई पूरी की। वह अपनी इस सफलता का श्रेय अपने पूरे परिवार के साथ अपने पिता को विशेष रूप से देती है।

अंकिता ने शिक्षा के क्षेत्र में काम करने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
अंकिता के पिता सत्यवान ढाका जो कि महम शुगर मिल में रिकार्ड किपर के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि वे अपनी बेटी की सफलता पर गौरांवित महसूस कर रहे है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की बेटियां हर क्षेत्र में सफलता की बुलंदिया छू रही है।

जिला बाल कल्याण परिषद, बाल भवन, रोहतक द्वारा बच्चों की रूचि के अनुसार भिन्न-भिन्न विषयों में उनकी प्रतिभा निखारने के उद्देश्य से 8 अप्रैल से बाल भवन प्रांगण में रूचिकर कक्षाएं व समर कैंप आरंभ की गई है।

समर कैंप में 4 कक्षाएं नृत्य, ड्राईंग/ पेंटिंग, मार्शल आर्ट व स्केटिंग की शिक्षा कुशल प्रशिक्षकों द्वारा दी जायेगी।

जिला बाल कल्याण अधिकारी कर्मवीर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि उपायुक्त एवं अध्यक्ष डॉ. यश गर्ग के निर्देशानुसार हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी रूचिकर कक्षाएं आरंभ की गई है। इन कक्षाओं में 5 वर्ष से 16 वर्ष तक के बच्चे भाग ले सकते है। बच्चों के लिए 600 रुपये प्रति माह फीस रखी गई है जिसमें शाम साढे चार बजे से साढे छह बजे के बीच एक-एक घंटे की किसी दो कक्षाओं में बच्चे शामिल हो सकते है।

उन्होंने बताया कि उपायुक्त डॉ. यश गर्ग के मार्ग दर्शन में बाल भवन द्वारा कम्प्यूटर प्रशिक्षण केंद्र, ब्यूटीशियन कोर्स, फैशन डिजाइनिंग केंद्र, सिलाई एवं कटाई केंद्र आदि कोर्स चलाए जा रहे है।

उन्होंने बताया कि इसके साथ-साथ बाल भवन में कामकाजी महिलाओं के बच्चों क रख-रखाव के लिए डे केयर सेंटर चलाया जा रहा है।