ऋण माफी योजना में 50 लाख 61 हजार आवेदन

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने जय किसान फसल ऋण माफी योजना में पात्र प्रत्येक किसान का ऋण माफ हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से ऋण निकाला गया है, वे बगैर किसी भय के सामने आयें, सरकार उन्हें न्याय दिलायेगी और दोषियों को दंडित करेगी।

श्री नाथ मंत्रालय में फसल ऋण माफी योजना की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सहकारिता एवं सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव, मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती एवं वित्त, कृषि और सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि फसल ऋण माफी योजना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ हर उस किसान को मिलना चाहिए, जो योजना की परिधि में शामिल हैं। उन्होंने किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से ऋण निकालने के प्रकरणों पर नाराजी व्यक्त की।

उन्होंने किसानों से अपील की कि अगर उनके नाम पर फर्जी तरीके से ऋण निकाला गया है तो वे निर्भय होकर बतायें, सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने बैठक में निर्देश दिये कि फर्जी ऋण प्रकरणों के मामलों को गंभीरता से लें और इसकी सूक्ष्मता से जाँच करवायें। जो भी दोषी पाया जाये उसके खिलाफ सख्त कार्रावाई की जाये।

बैठक में बताया गया कि ऋण माफी योजना में 50 लाख 61 हजार आवेदन भरे गए हैं। इसमें से 45 लाख 9 हजार आवेदन ऑनलाइन किये गये हैं। ऋण माफी की यह प्रक्रिया 22 फरवरी तक पूरी हो जायेगी और किसानों के खाते में राशि पहुँचना शुरू हो जायेगी। योजना में लघु एव सीमांत किसानों के ऋण प्राथमिकता में माफ किये जायेंगे।