ई-जनदर्शन—झापरा में बालिका छात्रावास की मंजूरी

रायपुर————- मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने निवास कार्यालय में ई-जनदर्शन कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के तीन जिलों के चार विकासखण्डों-सुकमा, बीजापुर जिले के भोपालपट्नम, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले के विकासखण्ड कुआकोंडा के ग्रामीणों की समस्याएं सुनी और तत्काल अनेक कार्यों की स्वीकृति प्रदान कर दी।
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ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।

डॉ. सिंह ने सुकमा जिले के ग्राम झापरा में आदिवासी बालिका छात्रावास निर्माण की स्वीकृति प्रदान की। सुकमा के जिला पंचायत सदस्य श्री धनीराम बारसे ने छात्रावास निर्माण कराने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया था।

दंतेवाड़ा जिले के पालनार के श्री हुंगाराम ने बताया कि गांव के तालाब से वे लोग साल में दो फसल लिया करते थे, लेकिन इसका स्लूस गेट खराब हो गया है और कच्ची सिंचाई नहर जगह-जगह से टूट-फूट गई है, इस कारण सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी खेतों तक नहीं पहुंच पाता है।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर दंतेवाड़ा को पालनार तालाब का गेट बदलवाने और पक्की सिंचाई नहर बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह काम तत्काल कराया जाना चाहिए।

दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा विकासखण्ड के मेलावाड़ा गांव की श्रीमती सनमति ने अपने खेत में सिंचाई के लिए बोर कराने और सोलर सिंचाई पम्प उपलब्ध कराने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत बोर कराने और सौर सुजला योजना में सोलर सिंचाई पम्प उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

दंतेवाड़ा जिले की समेली ग्राम पंचायत के श्री संजय कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी ग्राम पंचायत के छह पारा-मोहल्लों में बिजली लाईन विस्तार का काम चल रहा है, लेकिन इसकी गति काफी धीमी है। उन्होंने लो-वोल्टेज की समस्या भी बतायी।

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के सचिव को बिजली लाईन विस्तार के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि इस ग्राम पंचायत के छह पारों में बिजली लाईन विस्तार का काम चल रहा है, जिसमें से एक पारे का कार्य पूरा हो गया है। सौभाग्य योजना के अंतर्गत दंतेवाड़ा जिले में 31 हजार घरों में निःशुल्क बिजली कनेक्शन अगले छह माह में दे दिए जाएंगे।

दंतेवाड़ा जिले में 33 के.व्ही. क्षमता के तीन बिजली उप-केन्द्रों का निर्माण चल रहा है। इनके बनने के बाद इस क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या का समाधान हो जाएगा। कुआकोण्डा विकासखण्ड के ग्राम समेली की श्रीमती शांति ने गांव के पटेलपारा में पेयजल की समस्या बतायी।

उन्होंने बताया कि पीने का पानी उन्हें काफी दूर से लाना पड़ता है। गांव के बोर का जल स्तर काफी नीचे चला गया है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को इस मोहल्ले में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि वे कहां तक पढ़ी हैं और क्या कर रही हैं। श्रीमती शांति ने बताया कि वे आठवीं पास हैं और अभी घर पर ही हैं।

मुख्यमंत्री ने उन्हें कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत सिलाई का प्रशिक्षण लेने का सुझाव दिया। श्रीमती शंाति द्वारा सहमति प्रकट करने पर डॉ. सिंह ने कलेक्टर को श्रीमती शांति के लिए सिलाई प्रशिक्षण की व्यवस्था करने और प्रशिक्षण के बाद निःशुल्क सिलाई मशीन देने के निर्देश दिए।

ई-जनदर्शन के दौरान बीजापुर जिले के भोपालपट्नम की श्रीमती टिंगे चिन्ना बाई ने ग्राम पंचायत गोरला में लोक सेवा केन्द्र प्रारंभ करने की मांग मुख्यमंत्री से की। मुख्यमंत्री ने उनकी जागरूकता की प्रशंसा करते हुए उन्हें बताया कि सभी ग्राम पंचायतों को इंटरनेट कनेक्टिविटी देने का काम चल रहा है। ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाया जा रहा है। यह काम पूरा होने पर गोरला में भी लोक सेवा केन्द्र प्रारंभ कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ई-जनदर्शन के दौरान दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले के कलेक्टरों को अगले छह माह में सभी घरों में बिजली कनेक्शन देने, पेयजल की समस्या वाले स्थानों में प्राथमिकता के आधार पर सोलर पंप और सामूहिक नल-जल योजना के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने, आदिवासी अंचल में चल रहे सड़क निर्माण में तेजी लाने, मजदूरी भुगतान तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की किश्तों के भुगतान के लिए समस्या वाले क्षेत्र में बैंकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने, रसोईगैस सिलेंडर प्रदाय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि ई-जनदर्शन में शामिल होने आए सभी ग्रामीणों के आवेदनों का पंजीयन किया जाए और स्थानीय स्तर, विकासखंड और जिला स्तर पर उनकी समस्याओं का निराकरण करते हुए संबंधित आवेदकों को इसकी सूचना भी दी जाए।

मुख्यमंत्री ने ई-जनदर्शन में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को बताया कि आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लोक सुराज अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। इसके तहत 12-13 और 14 जनवरी को ग्राम पंचायतों, विकासखण्ड मुख्यालयों और नगरीय निकायों के कार्यालय में समाधान पेटियां रखी गई है, जिनमें ग्रामीण अपनी समस्या से संबंधित आवेदन पत्र डाल सकते हैं।

आवेदन लिखने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। 15 जनवरी से 11 मार्च तक संबंधित जिलों, जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों में आवेदन पत्रों का निराकरण किया जाएगा और 12 मार्च से 31 मार्च तक हर जिले में प्रत्येक दस पंचायतों के बीच एक समाधान शिविर लगाया जाएगा, जिसमें आवेदन पत्र पर हुई कार्रवाई की जानकारी आवेदकों को दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि वे स्वयं समाधान शिविरों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में लोक सुराज अभियान में शामिल होकर अपनी समस्याओं का समाधान कराने का आग्रह किया।

ई-जनदर्शन में वन मंत्री श्री महेश गागड़ा, मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, अपर मुख्य सचिव श्री अजय सिंह, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री बी.व्ही.आर. सुब्रमणियम, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आर.पी. मंडल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुब्रत साहू, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी और जनसम्पर्क विभाग के विशेष सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पोे सहित अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।