आपातकालीन प्रतिक्रिया समर्थन प्रणाली (ईआरएसएस) को क्रियान्वित करने वाला देश का पहला राज्य

*** एक और महिला वाहिनी बटालियन का आग्रह

हिमाचल प्रदेश आपातकालीन प्रतिक्रिया समर्थन प्रणाली (ईआरएसएस) को क्रियान्वित करने वाला देश का पहला राज्य बनकर उभरा है जब केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की उपस्थिति में मण्डी से राज्य के लिये ईआरएसएस की शुरूआत की।

इस प्रणाली के तहत आगजनी के लिए 101, एम्बुलेन्स तथा आपदा प्रतिक्रिया के लिए 102 सहित सभी आपातकालीन नम्बरों का देशभर में एक नम्बर 112 में एकीकरण किया है।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि इससे देशभर में चौबीस घण्टे प्रभावी प्रतिक्रिया प्रणाली के लिए केवल एक आपातकालीन नम्बर की सुविधा प्राप्त होगी, जो आपदा अथवा आपति में नागरिकों की सेवा के लिए वायस कॉल, एसएमएस, ई-मेल, सार्वजनिक परिवहन इत्यादि में पैनिक बटन जैसी विभिन्न वायस एवं डाटा सेवाओं से इनपुट प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली को वायस अथवा डाटा से जोड़ कर विप्पति में व्यक्ति के स्थल की पहचान करेगी तथा मुसीबत में व्यक्ति को तत्काल सहायता प्रदान करेगी।

गृह मंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला सुरक्षा डिवीजन का सृजन किया गया है। इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा के लिए केन्द्र सरकार द्वारा अनेक वैबयुक्त अन्य योजनाएं भी शुरू की गई है।

केन्द्रीय मंत्री ने इस अवसर पर ईआरएसएस की वैब-साईट की भी शुरूआत की। इस अवसर पर योजना का एक वृतचित्र भी दिखाया गया।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस योजना की शुरूआत के लिए हिमाचल प्रदेश का चयन करने के लिए केन्द्रीय मंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि आपति में कोई भी व्यक्ति, विशेषकर महिलाएं ईआरएसएस का प्रयोग करके अथवा लैंडलाइन व मोबाईल फोन से 112 पर कॉल कर सकेगा।

ईआरएसएस मानव शक्ति के सदुपयोग का अधिक से अधिक उपयोग तथा सभी आपातकालीन कॉलों पर तुरन्त कार्रवाई में मद्द करेगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा तालमेल व समन्वय से जुड़ी समस्याओं का भी सरलीकरण होगा।

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के 100 दिनों के भीतर लड़कियों तथा महिलाओं की सुरक्षा के लिए गुड़िया हैल्पलाइन और शक्ति एप्प की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई योजना भयमुक्त वातावरण प्रदान कर महिला सशक्तिकरण में मद्दगार साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य के लिए एनडीआरफ बटालियन स्वीकृत करने तथा असमायिक बर्फबारी और वर्षा के कारण लाहौल घाटी तथा चम्बा के होली में फंसे लोगों को निकालने के लिए सात हेलीकॉप्टर प्रदान करने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री का धन्यवाद किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश को इस वर्ष बरसात के दौरान भारी वर्षा के कारण 1600 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है।

उन्हेंने केन्द्रीय मंत्री से हिमाचल प्रदेश के लिए महिला वाहिनी की एक और बटालियन प्रदान करने का आग्रह किया।

पुलिस महानिदेशक एस.आर.मरड़ी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 4.71 करोड़ रुपये तथा 13 वाहन प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना की विशिष्टता है कि वालंटियर भी अपने आपको योजना के अन्तर्गत पंजीकृत करवा सकते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद शान्ता कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेन्द्र सिंह, ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा, ग्रामीण विकास मंत्री वीरेन्द्र कवंर, सांसद अनुराग ठाकुर व राम स्वरूप शर्मा, विधायकगण, विभिन्न निगमों व बोर्डों के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष भी अन्य सहित इस अवसर पर उपस्थित थे।