आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की 10वीं बैठक सम्पन्न

पटना 06 सितम्बर, 2017:-(लोकेश कुमार झा)— आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की 10वीं बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री-सह-प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नीतीश कुमार ने 28.03.2015 को सम्पन्न प्राधिकरण की 9वीं बैठक के प्रतिवेदन तथा वर्तमान स्थिति के आलोक में 5वीं से 9वीं बैठक के सभी प्रस्तावों की समीक्षा का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि कई विभागों में नई कार्य योजनाएं बनायी जा रही है जिनकी समीक्षा कर के तथा उनके साथ तारतम्य बैठाते हुए उनके अनुसार ही प्राधिकरण को नई कार्य योजना अथवा एजेंडा बनाना होगा। उन्होंने आगामी नवम्बर माह में पुनः प्राधिकरण की बैठक कराने का आदेश दिया।

15.01.2016 को नगरीय आपदा प्रबंधन योजना (CDMP) के संदर्भ में आयोजित भूकम्प सलाहकार समिति की दूसरी बैठक पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में नगर निगमों वाले सभी शहरों को शामिल कर लिया जाय तथा प्रथम व द्वितीय चरणों में नगर निगमों सहित सभी नगर निकायों वाले शहरों को भी इस योजना में शामिल किया जाय।

NDMA Projects पर मुख्यमंत्री ने बिहार के स्कूलों (प्राईमरी तथा हाई स्कूल), अस्पताल तथा सभी मेडिकल काॅलेजों के रेट्रोफिटिंग के लिए एसेसमेंट किये जाने का निर्देश दिया। उन्होंने शिक्षा विभाग को प्राईमरी एवं हाई स्कूलों तथा अस्पताल तथा सभी मेडिकल काॅलेजों के रेट्रोफिटिंग के लिए बजट निर्धारित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि प्राप्त निष्कर्षों एवं विषलेषण के आधार पर ही कार्य योजना बनायी जाय।
SDMA एवं DDMA के सुदृृढ़ीकरण पर मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में DDMAs के सुदृृढ़ीकरण की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

गत 13 अगस्त 2017 को बिहार के कई जिलों में आई बाढ़ में राज्य आपातकालीन नियंत्रण केन्द्र की भूमिका तथा बाढ़ के दौरान कुछ सुदूर ईलाको में क्षति के आंकलन के लिए भेजे गये चार दलों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने आपातकालीन नियंत्रण केन्द्र तथा बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में किये गये अध्ययन की रिपोर्ट देने का आदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने जिला आपदा प्रबंधन योजना की अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराने तथा उसे ।Academic तथा Theoretical न बनाकर जमीनी हकीकत को शामिल करते हुए ठोस योजना बनाने का आदेश दिया। उन्होंने आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को प्रशिक्षण पर और अधिक ध्यान केन्द्रित करने का आदेश दिया। उन्होंने राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) में दल की संख्या मौजूदा 16 से बढ़ाकर 50 करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री नेे बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायतों में पांच नाव उपलब्ध कराने तथा कुछ लोगों को नाव परिचालन का प्रशिक्षण दिया जाने का निर्देश दिया। उन्होंने नाव की व्यवस्था तथा लोगों को प्रशिक्षण के राशि एम0एल0ए0 तथा एम0पी0 फंड से उपलब्ध कराने तथा बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से संबंधित विभाग के साथ इस पर विचार करने को कहा।

मुख्यमंत्री-सह-प्राधिकरण के अध्यक्ष ने कहा कि बिहार में 6 करोड से भी अधिक़ लोग मोबाइल का उपयोग कर रहे हैं उन तक आपदाओं के प्रति जागरूकता तथा बचाव की जानकारियाॅ कैसे पहुंचायी जाय तथा मास मैसेजिंग व विज्ञापन के माध्यम से अधिक से अधिक कैसे संचार किया जाये उस पर विचार करना होगा। जमींदारी बांध के संबधं में उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा विस्तृृत सर्वेक्षण किये जाने की आवश्यकता है।

उप मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी ने नाव में लाईफ जैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के संबंध में सरकार की तरफ से इस पर विचार करने का सुझाव दिया।

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव श्री प्रत्यय अर्मित ने बाढ़ पूर्व तैयारी पर बल देते हुए कहा कि मई की जगह दिसम्बर माह में ही अगले वर्ष बाढ़ की तैयारी के संदर्भ में पाॅलिथिन सीट का भंडारण सुनिश्चित किये जाने की आवश्यता है।

बैठक में प्राधिकरण की विगत दो वर्षो की गतिविधियों एवं परियोजनाओं तथा भविष्य की कार्ययोजना के संबंध में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री व्यास जी द्वारा एक विस्तृृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक के अंत में प्राधिकरण के सचिव श्री सांवर भारती ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

बैठक में उप-मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी, आपदा प्रबंधन मंत्री, श्री दिनेष चन्द्र यादव सहित राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगण, प्राधिकरण के सदस्य श्री उदयकांत मिश्र, मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंह, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन के श्री कमल किषोर, पुलिस महादिनेशक, श्री पी0के0 ठाकुर, सभी विभागों के प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीष चन्द्रा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।