अजय शर्मा का E=mc2 पर हाऊसटन में व्याख्यान

अजय शर्मा 14 जनवरी, 2019 को हाऊसटन, अमेरिका में आइंस्टीन के पदार्थ-ऊर्जा समीकरण (मास-ऊर्जा इकवेसन) E=mc2 की थ्योरैटिकल खामियों पर व्याख्यान देंगें।

यह कान्फ्रेंस अमेरिकन एसोसिएशन आफ फिजिक्स टीचर्ज द्वारा आयोजित की जा रही है।

आइंस्टीन का समीकरण (इकवेसन) E=mc2 माडर्न फिजिक्स का आधार है। अजय ने मुद्दा बी.एस.सी में उठाया था । अजय शर्मा ने आइंस्टीन से विस्तृत समीकरण (इकवेसन) dE=Ac2dm दी है।

—————-आइंस्टीन का पदार्थ-ऊर्जा समीकरण क्या है?————

आइंस्टीन का पदार्थ-ऊर्जा समीकरण (मास-एनर्जी इकवेसन) E=mc2 बच्चों को स्कूल से पढ़ाया जाता है। इसके अनुसार पदार्थ ऊर्जा में और ऊर्जा (एनर्जी) पदार्थ (मैटर) में बदली जा सकती है।

पर यह न कालेज मे, न युनिवर्सिटी में पढ़ाया जाता है कि यह इकवेशन मूल रूप में कहां से निकली है ? अजय शर्मा ने गहन अध्ययन कर के आइंस्टीन के उस शोध पत्र को ढूंढ निकाला जिसमें यह समीकरण (इकवेसन) दी थी।

अजय शर्मा ने सिद्ध किया कि यह समीकरण (इकवेसन) विशेष परिस्थतियों में ही सही हैं .यदि गणितीय पैरामीटरज के सभी मान ( वैल्युज ) लिया जाए तो पूरी तरह गलत रजल्ट (परिणाम) निकलते हैं। अजय शर्मा ने नया ओर विस्तृत समीकरण (जनरेलाइजड इकवेसन) (dE= Ac2dm) के रूप में दिया है। आइंस्टीन का समीकरण अजय के समीकरण ( इकवेसन ) की विशेष अवस्था हैं ।

आइंस्टीन ने यह समीकरण सितम्बर 1905 में जर्मन भाषा में छपने वाले जनरल ‘एनल डर फिजिक’ में दिया था। उस समय की प्रथानुसार आइंस्टीन का पेपर बिना किसी जांच पड़ताल के छपा था।

—————————सही रिज़ल्ट————————–

अजय शर्मा ने सिद्ध किया कि यह समीकरण (इकवेसन) विशेष परिस्थतियों में ही सही हैं इसके अनुसार जब कोई मोमबत्ती जलती है तो उसका भार घटना चाहिए। क्योंकि मोम का जो भार घटता है वह प्रकाश ऊर्जा में बदल जाता है। आइंस्टीन ने चर राशियों ( मैथेमैटिकल पैरामीटरजा) के विशेष मान ( वैल्युज) ही ली है।

—————————-गलत रिज़ल्ट———————

यदि गणितीय पैरामीटरज के सभी मान ( वैल्युज ) लिया जाए तो पूरी तरह गलत रजल्ट (परिणाम) निकलते हैं। जैसे कि जब मोमबत्ती जलती है तो उसका भार बढ़ना चाहिए इसका अर्थ यह हुआ कि अगर हम दीवाली को 100 ग्राम की मोमबत्ती जलाते है तो वह लोहड़ी तक जलती जाएगी और उसका भार 200 ग्राम हो जाएगा यह सरासर गलत रजल्ट है।

————- अजय का विस्तृत समीकरण ————————

14 जनवरी, को हाऊसटन अमेरिका में अजय शर्मा पहले वैज्ञानिकों के सामने यह बात रखेंगे कि आइंस्टीन ने पदार्थ – ऊर्जा समीकरण (मास – एनर्जी इकवेसन ) किस रिसर्ज पेपर और जनरल में दिया था फिर यह बताएगें कि आइंस्टीन की डैरीवेसन की क्या खामियां ह ? बाद में अजय शर्मा नये तरीके से पदार्थ-ऊर्जा समीकरण (मास-एनर्जी इकवेसन) को डिराइव करेगे।

अजय शर्मा ने नया ओर विस्तृत समीकरण (जनरेलाइजड इकवेसन) (dE= Ac2dm) के रूप में दिया है। आइंस्टीन का समीकरण अजय के समीकरण ( इकवेसन ) की विशेष अवस्था हैं ।

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