अंतराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक

हिमाचलप्रदेश —————अंतराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव पारंपरिक हर्षालास एवं उत्साह के साथ आरंभ हो गया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कुल्लू के प्रसिद्ध ढालपुर मैदान में भगवान रघुनाथ जी की रथयात्रा में भाग लेकर दशहरा महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर श्रीमती दर्शना देवी भी उपस्थित थीं।
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दशहरा के पावन अवसर पर ज़िला और प्रदेश के लोगों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा यह उत्सव बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की संस्कृति बहुत समृद्ध व अद्वितीय है, जिसकी विश्व भर में अलग पहचान है। प्रदेश में वर्ष भर आयोजित होने वाले मेले और त्यौहार यहां के लोगां की समृद्ध परम्पराओं और धार्मिक आस्था को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में भी प्रदेश के लोगां ने अपनी समृद्ध संस्कृति और रीति-रिवाजों को संरक्षित रखा है, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि इन परम्पराओं और संस्कृति को भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखने की आवश्यकता है।

राज्यपाल ने इस अवसर पर विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डां, निगमों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया और स्टालों पर जाकर विभिन्न उत्पादों का अवलोकन किया।

कुल्लू दशहरा उत्सव में इस वर्ष क्षेत्र के लगभग 260 देवी-देवता शामिल हुए हैं।
आचार्य देवव्रत का भुंतर हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने नग्गर स्थित किले का दौरा भी किया और इसकी शिल्पकला की सराहना की।

सांसद श्री राम स्वरूप शर्मा, विधायक श्री महेश्वर सिंह, न्यायामूर्ति विवेक सिंह ठाकुर, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी व अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।